Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी

नशा एक परछाई क्यों चाहिए तुम्हे वो नशाजो तुम्हे और तुम्हारे प्यारोंको करता बरबाद हैं नशा करों अपने काम काया …


नशा एक परछाई

नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी

क्यों चाहिए तुम्हे वो नशा
जो तुम्हे और तुम्हारे प्यारों
को करता बरबाद हैं

नशा करों अपने काम का
या करो प्यारे रिश्तों का
नशा हैं एक शतानी ताकत
जिसका वजूद हैं छोटा बहुत
बताएं क्या पाएंगे इस क्षणजीवी सुख से
जो ले जाता हैं सभी को ही बर्बादी के रास्ते

बरबाद देश के जन जन हो

 तो देश आबाद हो कहां से
बादलों अपनी रवानियां
कर लो इस नशों से दूरीयां
सब्र करो कि रब ने दिया है नर तन

पता नहीं किस जन्म में फिर मिले ऐसा तन
छोड़ो नशेबाजी और ये मन की कमजोरी
क्यों नहीं कर लें ये प्रण आज
न छुएंगे इस राक्षसी माया को
अब हैं ये दुनियां हसीन

नहीं जाना हैं अब इस नर्क वाली रह पर
क्यों दौड़े हो पीछे परछाई के
न पाओगे कुछ इस मृग जाल में

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन ! कोई कोई तहजीब, सलीका, अदब नहीं खोता,सर झुकाता हुआ हर शख्स बेचारा नहीं होता!

मिट्टी का कर्ज- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 मिट्टी का कर्ज खूबसूरत है नजारालग रहा है प्यारा इस मिट्टी का कर्ज हैचुकाना हमारा फर्ज  है प्यारे गगन हमें

साहिल- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 साहिल ओ मेरे मन के मीत दिल लिया क्यों जीत निश्छल है मेरी प्रीत रेजीवन की है ये रीत सदा

आह्वान- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

आह्वान मद्यपान निषेध मेरे देश के नौजवानोंतू है मौजों की रवानीहै भारत माँ के लाल वेशकीमती तेरी जवानीमद्यपान नहीं जिन्दगानीबीड़ी

देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद विभूति सादगी के किया सुशोभित देशऱत्न प्रथम राष्ट्रपति के ऊँचे पद मुस्कान भरी मुखमंडल परअंकुरित न हो सके

बच्चन जी- सुधीर श्रीवास्तव

December 3, 2021

बच्चन जी सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात कोकायस्थ कुल में पैदापिता प्रताप नारायण के घरमां सरस्वती देवी की कोख सेप्रतापगढ़

Leave a Comment