Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

नव वर्ष – डॉ. इन्दु कुमारी

नव वर्ष नववर्ष तो नववर्ष हैअंग्रेजी हो या हिन्दी मधुमय हो जीवन येनई उल्लास के साथ स्फुरण हो विलक्षण ऐतिहसिक …


नव वर्ष

नव वर्ष - डॉ. इन्दु कुमारी

नववर्ष तो नववर्ष है
अंग्रेजी हो या हिन्दी

मधुमय हो जीवन ये
नई उल्लास के साथ

स्फुरण हो विलक्षण
ऐतिहसिक हो सृजन

सृजनशीलता कसौटी
पल्लवित हो जीवन

उम्मीद के दिये सदा
कर्म के राही बने रहे

पुष्पित फलित होवें
फूलों सा सजे चमन

पूरित हो आकांक्षाएँ
ऐसा नव जीवन पाएँ

दुख की आँधिया भी
तिनका में बिखर जाए

कोरे पन्ने लिखें जल्दी
नव वर्ष तो नववर्ष है
अंग्रेजी हो या हिन्दी।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

बता रहा है धुआँ – सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 7, 2022

शीर्षक – बता रहा है धुआँ आदमी अंदर और बाहर उड़ा रहा है धुआँ तिल -तिल फेफड़ों को सड़ा रहा

कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र ‘कबीर

January 7, 2022

कितनी हैरानी की बात है! कितनी हैरानी की बात हैकि भौतिक जीवन की सार हीनता औरमृत्यु को सहज भाव से

नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी

January 7, 2022

नशा एक परछाई क्यों चाहिए तुम्हे वो नशाजो तुम्हे और तुम्हारे प्यारोंको करता बरबाद हैं नशा करों अपने काम काया

द्विधा में लोकतंत्र- जयश्री बिरमी

January 7, 2022

 द्विधा में लोकतंत्र  विरोध किसका संस्कृति का? क्यों हमारे समाज में कोई भी प्रश्न नहीं होने के बावजूद प्रश्नों को

सुबह- चन्दा नीता रावत

January 7, 2022

। । सुबह ।। सुबह सवेरे जब रात ढले सूर्य की किरणें पृथ्वी पर आतीपृथ्वी के हरे चादर पर लालिमा

गगन की बुलन्दीयो को छुना- चन्दानीता रावत

January 7, 2022

गगन की बुलंदियों को छूना हैं  उड़ना है हमे उड़ना हैगंगन की बुलंदियों को छूना हैआँखो के हसीन ख्वाब कोवास्तविकता कर जीना

Leave a Comment