Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prem Thakker

नववर्ष-2024 | kavita navvarsh-2024

नववर्ष-2024 सुनो दिकु….. इस नववर्ष में लौट आनातुम्हारी यादों से यह दिल को अब और ना बहलाना बातें बहुत-सी हो …


नववर्ष-2024

नववर्ष-2024 | kavita navvarsh-2024

सुनो दिकु…..

इस नववर्ष में लौट आना
तुम्हारी यादों से यह दिल को अब और ना बहलाना

बातें बहुत-सी हो गयी है जो तुम से करनी है
मेरे अकेलेपन की खाली पड़ी है गहराइयाँ
उसे तुम संग मिलकर छलकते जाम की तरह भरनी है

बहुत हो गया तुम्हारा अनजान रूखापन
सुनो, अब और ना इठलाना
इस नववर्ष में लौट आना

तुम्हारी यादों से यह दिल को अब और ना बहलाना
मुज़े कोई शिकायत नहीं करनी तुम से
बस तुम्हारी तबीयत की फिक्र है
जब से तुम गयी हो इन होठों पर सिर्फ तुम्हारा ही ज़िक्र है

एकबार आके सिर्फ अपने हाल सुना जाना
सुनो, अब ना करना कोई बहाना
इस नववर्ष में लौट आना
तुम्हारी यादों से यह दिल को अब और ना बहलाना

प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए

About author

प्रेम ठक्कर | prem thakker

प्रेम ठक्कर
सूरत ,गुजरात 

ऐमेज़ॉन में मैनेजर के पद पर कार्यरत  

Related Posts

तुलसी आज| Tulsi-aaj

March 28, 2023

तुलसी आज क्यों में तुलसी तेरे आंगन की बनूंमेरी अपनी महत्ता मैं ही तो जानूं संग तेरे रहूंगी जीवन भर

सतकर्म ही पूजा है| satkarm-he-pooja

March 28, 2023

सतकर्म ही पूजा है सोचो समझो इससे बड़ा ना कोई इस जग मे दूजा हैसच करो सतकर्म दुनिया मेंयही तो

पैदा क्यों होते नहीं, भगत सिंह से लाल।।

March 22, 2023

पैदा क्यों होते नहीं, भगत सिंह से लाल।। भगत सिंह, सुखदेव क्यों, खो बैठे पहचान। पूछ रही माँ भारती, तुम

मौत का मुल्यांकन | maut ka mulyankan

March 22, 2023

 भावनानी के भाव मौत का मुल्यांकन मैंने भी सोचा हम तो यूं ही जिंदगी  जिए जा रहे हैं बेकार  मौत

चार बातें तो सुनना ही पड़ेगा

March 22, 2023

भावनानी के भाव चार बातें तो सुनना ही पड़ेगा अगर घर के हेड हो, जवाबदार हो।चार बातें तो सुनना ही

हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है

March 19, 2023

 भावनानी के भाव हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है प्राचीन संस्कृति का युवाओं में प्रसार

PreviousNext

Leave a Comment