Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

 भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो  अटके काम बनाना है तो  …


 भावनानी के भाव

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

अपना जीवन सुखी बनाना है तो 
अटके काम बनाना है तो 
सुकून से जीवन व्यतीत करना है तो 
नम्रता का आभूषण धारण करना होगा
पड़ोसियों का मन जीतना है तो 
समाज में प्रतिष्ठा बढ़ाना है तो 
संयुक्त परिवार बनाए रखना है तो 
नम्रता का आभूषण धारण करना होगा
भ्रष्टाचारी को रंगे हाथ पकड़वाना है तो 
हिम्मत जज्बे संयमता का गुण पाना है तो 
भ्रष्टाचारी कर्मचारियों को सबक सिखाना है तो 
नम्रता का आभूषण धारण करना होगा
ठसन वाले का भ्रष्टाचार लेके बाबू काम नहीं करता 
मीठी छुरी से उनको पकड़वाना है तो 
अपनी प्रतिष्ठा कायम रखना है तो 
नम्रता का आभूषण धारण करना होगा
अपना व्यापार व्यवसाय मजबूत करना है तो 
मां लक्ष्मी सरस्वती का आश्रय पाना है तो 
आजीवन समृद्धि लाना है तो 
नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 


Related Posts

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन! चलो निकालें सप्ताह में एक दिन, जिसमें खुद का साथ हो,बस खुद से बात

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त! दोस्ती का मतलब है, दोस्त को सही राह पर लाना, उनके साथ हंसना, रोना, पढ़ना, और

अभी पूस मनाते हैं.- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 27, 2021

अभी पूस मनाते हैं. किसी नें मुझसे कहा -दिसम्बर जा रहा है, मैंनें कहा- पूस सता रहा है..!!उसनें कहा–जनवरी आएगीहाड़

विद्यालय “स्कूल” हो गये…. -सचिन राणा “हीरो”

December 27, 2021

विद्यालय “स्कूल” हो गये…. नये भारत में विद्यालय जब से स्कूल हो गये… परेशान हैं अभिभावक मगर बच्चे कूल हो

बीती रात हो गई भोर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 27, 2021

बीती रात हो गई भोर अंतर्मन की पूर्ण कामना, बिना तुम्हारे सभी अधूरे,एहसास हमारा अपना है,एकाकीपन जीवन अपना।। सानिध्य तुम्हारा

मर्जी उसकी-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 27, 2021

मर्जी उसकी पंख लगा उड़ने की इच्छा , मानव मन भी कर लेता है ,आशा और जिज्ञासा लेकर ,दूर गगन

Leave a Comment