Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

नकाब ओढ़े चेहरे

 नकाब ओढ़े चेहरे चुंकि फायदेमंद रहती हैं हिंसक व अराजक परिस्थितियां चुनावों में वोटों के ध्रुवीकरण के लिए, इसलिए ज्यादातर …


 नकाब ओढ़े चेहरे

Nakab odhe chehre by Jitendra Kabir

चुंकि फायदेमंद रहती हैं

हिंसक व अराजक परिस्थितियां

चुनावों में वोटों के ध्रुवीकरण के लिए,

इसलिए ज्यादातर राजनेताओं का

जनता से शांति बनाए रखने का आह्वान

होता है महज दिखावा भर,

ऐसे नेता एक तरह के परजीवी हैं

जिनकी राजनीति पल्लवित व पोषित होती है

जनता के आपसी

लड़ाई-झगड़ों और दंगों पर।

जान पर जब बन आती है

तो इंसान की सोच सीमित हो जाती है

अपनी व परिवार की सुरक्षा तक,

लोकतंत्र के मूल्यों की,

अच्छी शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं की,

अच्छी सड़कों व जीवन स्तर में सुधार की,

मानवाधिकारों की बात

कौन सोच पाता है फिर,

चुनती है ऐसे माहौल के परिणामस्वरूप

जनता मजबूरी में

अपने धर्म और जाति के ही ठेकेदारों को,

जो ओढ़े रहते हैं धर्म रक्षक के नकाब

हरदम अपने चेहरों पर।

                                    जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Fislan by Anita Sharma

October 5, 2021

 “फिसलन” संसार के मोह जाल में उलझे  फिसल रहा समय। कब किसको फुर्सत यहाँ पर बीत रही उम्र । शून्य

Dharohar by Sudhir Srivastava

October 1, 2021

 धरोहर हम सबके लिए हमारे बुजुर्ग धरोहर की तरह हैं, जिस तरह हम सब रीति रिवाजों, त्योहारों, परम्पराओं को सम्मान

Sabke apne Gandhi by Jitendra Kabir

October 1, 2021

 सबके अपने गांधी गांधी, तुम किसके हो? उनके हो, जो तुम्हारे नाम पर बड़ी-बड़ी  योजनाएं चलाते हैं, दिखावे के लिए।

Vridh Divas budhapo by mainudeen kohri

October 1, 2021

 वृध्द दिवस  बुढ़ापो         बुढापो  तो  सगलां  नैं आसी । ओ’ बुढापो  तो  घणो  दोरो रे ।।

Swar Kokila Lata Mangeshkar by Dr. Indu Kumari

October 1, 2021

 स्वर कोकिला लता  मंगेशकर                    हुई 92 साल की स्वरों की देवी

Maati ke Lal Shastri by Dr. Indu Kumari

October 1, 2021

माटी के लाल शास्त्री जय जवान जय किसान का नारा दिया यह लाल पाकिस्तान के मंसूबों को पानी फेर दिखाया

Leave a Comment