Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Kalpana_bhadauriya, poem

दोहे-भाव माधुरी-कवियित्री कल्पना भदौरिया”स्वप्निल “

दोहे-भाव माधुरी मुंडमाल उर में धरे, उमानाथ भगवान | चंद्रमौलि का जाप है, नाथ वही गुणवान || वास करें निज …


दोहे-भाव माधुरी

दोहे-भाव माधुरी-कवियित्री कल्पना भदौरिया"स्वप्निल "
मुंडमाल उर में धरे, उमानाथ भगवान |

चंद्रमौलि का जाप है, नाथ वही गुणवान ||

वास करें निज धाम में, भजन करें कैलाश |
रमा भस्म अब अंग में, मिले दर्श विश्वास ||

नीलकंठ के नाम से, पूर्ण सकल सब काम |
भक्ति -भाव में जो रमे, भजे राम का नाम ||

चंद्रमौलि के प्रेम में, भंग लिये है आज |
मोह जाल सब त्याग के, कहे तुम्हें सरताज ||

ओम नमः के जाप से, पहुँच शिवम के धाम |
जपो मंत्र यह आज से, पूर्ण सकल सब काम ||

महादेव के ध्यान से, मिले श्रेष्ठ है धाम |
रोग मुक्त हो देह अब, अधर रहे शिव नाम ||

सर्प माल गल डाल के, कंठ रहे विष धार |
शिवाहोम के नाद में, बढ़े प्रेम विस्तार ||

प्रथम पूज्य है नाथ जो, आशुतोष के पूत |
रमे रहे जो भंग में, मले भस्म अभिभूत ||
___________________
कवियित्री
कल्पना भदौरिया”स्वप्निल “
लखनऊ
उत्तरप्रदेश


Related Posts

साहित्यकार महान

June 4, 2022

 साहित्यकार महान शब्दों के महाजाल का चक्रव्यूह बड़ा जंजाल इसमें उलझ सुलझ बने तीखे शब्द विकार लेखक है रोक ना

मदर अर्थ, पृथ्वी!

June 4, 2022

 मदर अर्थ, पृथ्वी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह,जहां जीव जंतु का जीवन है संभव,निवास करती है मुझ में

शिकायतें ना करें!

June 4, 2022

 शिकायतें ना करें! क्यों करें किसी से शिकायत, क्या स्वयं हे हम इसके लायक, खुद को आईने मैं झांके तो,

संपूर्ण निष्ठा!

June 4, 2022

 संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी

मां का असीम प्रेम

May 26, 2022

 मां का असीम प्रेम! सबसे भोली , प्यारी हे मां, है यह तो प्रेम की प्रतिमा, इसकी गोदी में बसा

जिंदगी का मैदान – तमन्ना मतलानी

May 26, 2022

 जिंदगी का मैदान… तमन्ना मतलानी (महाराष्ट्र) जिंदगी एक ऐसा है मैदान,जनम लेकर यहां मिलता है नाम,उसी नाम से बनती है

PreviousNext

Leave a Comment