Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

दुनियां का मंच – भारत सरपंच

दुनियां का मंच – भारत सरपंच भारत एक नए वैश्विक उच्च शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर उभर रहा …


दुनियां का मंच – भारत सरपंच

एड किशन भावनानी
भारत एक नए वैश्विक उच्च शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर उभर रहा है

भारत की अनेकता में एकता, कोविड महामारी से रणनीतिक जीत, प्रबल विदेश नीति, नए भारत की नीति छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं जैसी अनेकों उपलब्धियों से अमेरिका से लंका-भारत का डंका – एड किशन भावनानी

वैश्विक स्तरपर पिछले कुछ वर्षों से हम देख रहे हैं कि भारत का मान-सम्मान, रुतबा, प्रतिष्ठा में बहुत तेज़ी से वृद्धि हो रही है। मेरा ऐसा मानना है कि भारत की विदेश नीति, एक ठोस मज़बूत रणनीति के रूप में काम कर रही है जिसके तहत हम वर्तमान परिपेक्ष में रूस-यूक्रेन युद्ध में लगे रूस पर वैश्विक मंचों के प्रतिबंध के बावजूद हम उनसे बेहिचक तैलीय पदार्थ खरीद रहे हैं। स्कीमों के तहत फायदा भी उठा रहे हैं!!
एक दिन पहले ब्रिटिश पीएम का भारत दौरा, चंद दिनों पहले पीएम के अमेरिकी राष्ट्रपति से वर्चुअल मीटिंग, रूसी राष्ट्रपति से लगातार बातचीत, जापान के पीएम का से मुलाकात, पड़ोसी मुल्क के पूर्व पीएम द्वारा बेहिचक भारत और उसकी विदेश नीति की तारीफ़ के पुल बांधना कि भारत के बैन के बावजूद तैलीय पदार्थों की खरीदी पर अंतरराष्ट्रीय मंचों का मौन समर्थन उनकी वैश्विक ताकत को दिखाता दिखा रहा है!! जो अपने आवाम के भले के लिए करते हैं, इत्यादि।
साथियों अनेकों ऐसीअन्तर्राष्ट्रीय गतिविधियां भारतके सकारात्मक पक्ष में इशारा दे रही है कि दुनिया का मंच-भारत सरपंच!! इसी की बुनियाद पर रूस-यूक्रेन युद्ध की सुलह समाधान का नेतृत्व करने भारत की ओर निहारा जा रहा है जो बड़े गर्व की बात है!!
साथियों बात अगर हम भारत के एक नए वैश्विक उच्च शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर उभरने की करें तो इसकी नींव को सटीक बल कोविड-19 महामारी की चरम सीमा पर वैश्विक त्रासदी के समय मिला जब बड़े-बड़े पूर्ण विकसित देश असहाय हो गए थे और मरीजों, मृतकों पीड़ितों की संख्या का आंकड़ा सुन दिल दहल गया था!! परंतु फिर भी 135 करोड़ जनसांख्यिकीय तंत्र वाले देश भारत में, कोविड महामारी ने साबित किया है कि किसी आकस्मिक संकट के सामने दुनिया के तमाम उन्नत देश निस्सहाय-निरुपाय हो जाते हैं, जबकि भारत ने अपनी तमाम दिक्कतों के बाद संकट का बहादुरी से सामना किया। हालांकि कोविड की दूसरी लहर में भारत एक वक्त तो लड़खड़ा गया था, लेकिन जिस तरह से उसने दूसरी लहर पर विजय प्राप्त की, और जिस गति से 187.68 करोड़ पात्र लोगों को टीका और अनेकों प्रिकॉशनरी डोज लगाने में कामयाबी हासिल की, उसने दुनिया भर में भारत का कद ऊंचा उठा दिया। उन तमाम विशेषज्ञों और देशों की जुबान पर ताला लगा दिया जो महामारी की शुरुआत के समय यह आशंका जता रहे थे कि भारत की स्थिति बहुत भयावह होगी। भारत ने न सिर्फ अपने नागरिकों को टीके लगाने का अभियान चलाया, बल्कि 95 देशों को 6 करोड़ 63 लाख टीके भी दिए। इसे वैक्सीन मैत्री का नाम दिया गया। इनमें भारत के पड़ोसी देश तो हैं ही, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के तमाम गरीब देश भी शामिल हैं।
साथियों बात अगर हम अनेकता में एकता की करें तो भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई धर्मों सहित अनेकों जातियों उप जातियों प्रजातियों के समुदाय रहते हैं जिसमें सांप्रदायिक सद्भाव कायम करके रखना, हिंसा से निपटना, देश की शान के खिलाफ़ पत्थरबाज, धार्मिक उन्माद, धार्मिक जुलूसों पर पत्थरबाजी, पड़ोसी मुल्क विसरवादी मुहूर्त सहित आंतरिक और बाहरी चुनौतियां भी कम नहीं हैं फ़िर भी कुशल रणनीतिक रोडमैप, कूटनीति, विदेश नीति राजनीति, से जूझकर सक्रियता, सफ़लता से जीतना जानता है!!भारत बिनां दबाव व डर के अपने हितों, संप्रभुता के लिए अडिग रहता है यही सफलता! वैश्विक प्रतिष्ठा, कुशल नेतृत्व के लोहे की मजबूत नींव भारत में वैश्विक नेतृत्व होने का गुण माना जाता है।
साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को विशेष महत्व मिलने की करें तो पिछले दिनों से हम देख रहे हैं कि जी-5, जी-20, ग्लास्गो, कैप 26 सहित अनेक मंचों पर भारत की धमाकेदार उपस्थिति विशेष रही है, इसबीच हुए दो बड़े आयोजनों में भी भारत को दुनिया की एक साफ्टपावर के तौर पर मान्यता मिली। पहला आयोजन था ग्लासगो में हुई जी-20 देशों की शिखर बैठक।दुनिया के ज्यादातर देशों ने भारत के प्रस्तावों पर मुहर लगाई। इसके बाद जलवायु परिवर्तन पर हुए काप-26 में भारत ने पहल की कि दुनिया के तमाम देशों को धरती के भविष्य को बचाने के लिए नेट-जीरो यानी कार्बन उत्सर्जन शून्य करना होगा। भारत ने आगे बढ़ कर 2030 तक 40 प्रतिशत पुनर्नवीकरणीय ऊर्जापर निर्भरता बढाने का संकल्प लिया और 2070 तक पूरी तरह से नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की घोषणा की।
साथियों बात अगर हम भारत की नीति छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं, श्रीलंका को अभी सहायता, अमेरिका, रूस, नाटो देशों से मित्रता सहित अनेक बातें हैं जिसके बल पर भारत के वैश्विक नेतृत्व में सक्षम होने की ओर इशारा करते हैं उम्मीद है शीघ्र ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य भी भारत होगा कुछ समय पहले पीएम नें एक सूर्य, एक विश्व और एक ग्रिड’ के जरिये दुनिया के तमाम देशों को जोड़ने की बात कही। भारत पहले ही राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन शुरू कर चुका है, जिसके तहत इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के जरिये पानीके अवयवों को अलग-अलग करके ऊर्जा प्राप्त की जाती है। भारत हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में दुनिया की एक बड़ी ताकत बन सकता है और दुनिया को ऊर्जा निर्यात कर सकता है। भविष्य की जरूरत को देखते हुए देश तेजी से बढ़ रहा है। उधर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी भारत नए-नए आयाम स्थापित कर रहा है जिसकी पूरे विश्व की नजरें लगी हुई है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दुनिया का मंच- भारत सरपंच, भारत एक नए वैश्विक उच्च शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर उभर रहा है, भारत की अनेकता में एकता, कोविड महामारी से रणनीतिक जीत, प्रबल विदेशी नीति, नए भारत की नीति छोड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं जैसे अनेकों उपलब्धियों से अमेरिका से लंका भारत का डंका!!

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Desh ka man Lekh by jayshree birmi

August 22, 2021

 देश का मान जब देश यूनियन जैक की कॉलोनी था तब की बात हैं। उस समय में भी देश को

Kahan hai swatantrata by jayshree birmi

August 22, 2021

 कहां है स्वतंत्रता खुशी मानते है हम दुनिया भरकी क्योंकि अब आया हैं स्वतंत्रता का ७५ साल, यानी कि डायमंड

Swatantrata ke Alok me avlokan by satya prakash singh

August 14, 2021

 स्वतंत्रता के आलोक में – अवलोकन  सहस्त्र वर्ष के पुराने अंधकार युग के बाद स्वतंत्रता के आलोक में एक समग्र

Ishwar ke nam patra by Sudhir Srivastava

August 7, 2021

 हास्य-व्यंग्यईश्वर के नाम पत्र    मानवीय मूल्यों का पूर्णतया अनुसरण करते हुए यह पत्र लिखने बैठा तो सोचा कि सच्चाई

Lekh kab milegi suraksha betiyon tumhe by jayshree birmi

August 6, 2021

 कब मिलेगी सुरक्षा बेटियों तुम्हे गरीब की जोरू सारे गांव की भौजाई ये तो कहावत हैं ही अब क्या ये

seema ka samar -purvottar by satya prakash singh

August 3, 2021

सीमा का समर -पूर्वोत्तर पूर्वोत्तर की सात बहने कहे जाने वाले दो राज्यों में आज सीमा का विवाद इतना गहरा

Leave a Comment