Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

दुनियां का भविष्य- जयश्री बिर्मी

 दुनियां का भविष्य एक कहानी सुनी थी जो आज के विषय के संदर्भ में सही मानी जा सकती हैं। एक …


 दुनियां का भविष्य

दुनियां का भविष्य- जयश्री बिर्मी
एक कहानी सुनी थी जो आज के विषय के संदर्भ में सही मानी जा सकती हैं।

एक छोटा सा राज्य था राजा अपने आसपास के बड़े  समृद्ध राज्यों से हमेशा ही भयभीत रहता था।उसके अपने राज्य को सुरक्षित के रखने के लिए हमेशा ही प्रयत्नशील रहता था।राज्य के बाहर तो संकट था ही किंतु राज्य के अंदर भी अव्यवस्था कम नहीं थी।जिससे राजा भी चिंतित था।राज्य का अर्थतंत्र बिगड़ता जा रहा था क्योंकि सैन्य पर किया जाने वाला खर्च दिनबदीन बढ़ता जा रहा था और राज्य में महंगाई सीमाएं तोड़ चुकी थी।एक चोर ने तहलका मचा रखा था,सभी की नींद हराम कर रखी थी। बाद में तो सिर्फ रात में चोरी करने वाला ये सिरजोर चोर  दिन के उजाले में भी चोरियों की वारदातें करने लगा था।प्रजा भी परेशान थी खूब शिकायतें आने लगी थी चोरियों की किंतु उसे पकड़ना भी एक चुनौती बन गया था।बड़ी ही मुश्किल से पकड़ तो लिया लेकिन उसकी कैद में रखना और उसके किया पहरेदारों का खर्च आदि का छोटे से राज्य के छोटे से अर्थतंत्र पर भारी पड़ने लगा।फिर भी जैसे तैसे निबाह कर ने लगे किंतु धीरे धीरे और हालत खराब होने लगे तो राजा ने राज्य की सभा को बुला चर्चा करना वाजिब समझा और उन्हें बुलावा भेजा।बहुत चर्चा के बाद ये तय हुआ कि खर्चा कम करने के लिए चिर छोड़ दिया जाए  और उसे राज्य के कानूनी कार्यवाही का सभ्य बना दिया जाएं ताकि वह चोरी न कर सके।यानी कि चोर को ही कोतवाल बना दिया गया ।

  आज तीन छोटे देशों की महंगाई के बारे में सभी समाचार माध्यमों पर बहुत ही चर्चा हो रही हैं।उसमे से एक तो अपने पड़ोस में आया पाकिस्तान ही हैं जो चाय की कीमत ही ४० रुपए का एक कप हो गई हैं।गैस का सिलेंडर २००० ,चाय पत्ती में ३५%बढ़ोतरी हुई,९०० से १००० रुपए किलो चाय,दूध चीनी के भाव भी आसमान छू रहे हैं।येतो चाय की बात हुई लेकिन आटा, दालें आदि के भाव की तो बात ही न पूछो।अदरक १००० रुपए का किलो,गेंहू की कीमत ६० रुपए किलो ,२४० दर्जन अंडे,चिकन ३०० रुपए किलो हो तब दूसरी चीजों की कीमत की बात ही नहीं पूछो।सभी चीजों के साथ साथ गैस की कीमत भी खूब बढ़ रही हैं।गैस सप्लाई करने वाली कंपनी को प्रतिदिन ५०० मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फिट गैस की कमी से जूझ रही हैं। जहां आम जनता का पेट ही नहीं भर पता वह विकास के बारे में सोचेंगे भी कैसे?

   वैसे भी एफ ए टी एफ ने ग्रे लिस्ट में डाला हुआ हैं जिसे कभी भी ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता हैं ,ये भी सोचने वाली बात हैं की इसके प्रतिघात क्या हो सकते हैं।रस्सी चाहे जल जाएं पर बल नहीं छोड़ती,वैसे ही इतनी समस्याओं से घिर ने के बाद भी भारत से चीनी नहीं लेनी क्योंकि भारत के साथ किया व्योपार भारत के विरुद्ध में किए प्रचार के लिए विपरीत असर करता हैं जिससे आम जानता पर की हुई राजनैतिक पकड़ कम होने का डर रहता होगा।भारत अफगानिस्तान को गेहूं देना चाहता हैं किंतु पाक अपनी हदों के अंदर से नहीं भेजने दे रहा वैसे अफगान के लिए दुनियां से हमदर्दी जताने के लिए गुजारिश करने का ढोंग कर रहा हैं।वैसे भी बेमाईमानी से घिरा देश जिसके पास अपने मुलाजिमों को तनख्वाह देने के लिए भी पैसे नहीं होने के भी समाचार मिलते रहते हैं।क्या खत्म हो जाएगा ये देश? बिक जायेगा दुनियां के विस्तारवादी देशों के हाथ?

 और दूसरा देश हैं जिसे यूनाइटेड नेशंस ने भी मानवीय संकट के लिए सचेत किया हैं,अफगानिस्तान।अगस्त के महीने से जो हालत हैं उसके बारे में सभी को विदित हैं ही किंतु अब वहां भी भुखमरी से हालत हो रहे हैं। आटे की बोरी के २४०० रूपिये,चावल की बोरी के २७०० रूपये तक बिक रहें हैं।ये तो मुख्य जरूरत के खाद्य पदार्थ हैं किंतु इसके साथ दालें ,तेल,घी और दूसरी पच्चियों चीजों की जरूरत पड़ती हैं जो उतनी ही महंगी हो चुकी हैं।खाद्य तेल का १६ लीटर का टीन २८०० रुपए में बिक रहा हैं।एक गरीब आदमी रोज की मजदूरी से १०० से १५० रुपए कमाता हैं तो वो मुश्किल से एक समय के खाने का जुगाड कर सकता हैं।कुछ एहवालों के हिसाब से तालिबानों के सत्ता में आने के बाद भुखमरी का संकट मुंह खोले खड़ा हैं जिसमे २ .२८ करोड़ लोगों का असरग्रस्त होने जा रही हैं।भारत जैसे कई देश उनको मदद करने के लिए तैयार हैं लेकिन बीच में पाकिस्तान की हदों के अजाने से थोड़ा मुश्किल लगता हैं,हो सकता हैं ये मदद रास्ता बदलकर भी पहुचाई जाए।किंतु भारत को भी एक बात याद रखनी चाहिए कि किसे मदद कर रहे हैं।कही बंगला देश जैसी परिस्थिति न हो जाएं।जिसे स्वतंत्र करने के लिए हमारे जाबांज सैनिकों ने जानें गवाई और अब वही लोग हिंदुओं को मार रहे हैं तो यही अफगान में भी हो सकता हैं,शायद हो ही रहा हैं।

 तीसरा देश हैं स्वधर्म प्रेमी तुर्की

    तुर्की तीन चीजें रुकने का नाम नहीं ले रही,वित्तीय अधिकारों के इस्तीफे, राष्ट्रपति अर्दवान की जिद्द और उनकी मुद्रा का पतन जीके परिणाम स्वरूप रोटी की दुकानों के बाहर लगी लंबी लाइनें ,सुने पेट्रोल पंप और सूखे खेत और तुर्की का इतिहास वापस लाने का वादा करने वालें अर्दवान के विरुद्ध प्रदर्शन जो इस्तांबुल में ५००० लोगों द्वारा किया गया था। ज़िद तो ऐसी कि आर्थिक संकट में लिए जाने वाले विपरीत कदम जिससे  मुद्रा का आधे से भी ज्यादा हुआ  हुआ पतन बताता हैं।

 एक बार २०२० में तख्ता पलट से बचे अर्द्ववान कुछ नहीं सिख रहें।बुनियादी जरूरतों का आयात करने से महंगाई बढ़ रही हैं।अपने आपको खुदा मानने वाला शासक देश को गर्त में ले जाता हैं ये उसका घमंड हैं,अभिमान हैं जो देश को भुखमरी और बर्बादी की और जा रहा ये देश कैसे बचेगा ये तो समय ही बताएगा।लेकिन इन तीनों देशों के हालत कहीं दुनियां का भविष्य तो नहीं हैं? ये भी प्रश्न हैं।

क्योंकि महंगाई तो पूरी दुनियां में मुहफाडे खड़ी हैं,वह चाहे अपना देश हो,अमेरिका हो या यूरोपियन देश हो,या फिर चीन ही क्यों न हो।अब जरूरत हैं सभी देशों की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाएं वैसे कदम उठाएं जाएं।स्वावलंबन और बचत पर जोर दिया जाए

जयश्री बिर्मी
अहमदाबाद


Related Posts

भाई -बहन के प्यार, जुड़ाव और एकजुटता का त्योहार भाई दूज

October 25, 2022

भाई -बहन के प्यार, जुड़ाव और एकजुटता का त्योहार भाई दूज हमारे देश में हर महिला भाई दूज को अपने

भारत का दीपोत्सव 2022/15 लाख दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बन गया।

October 24, 2022

 भारत का दीपोत्सव 2022 ,15 लाख दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बन गया। दुनियां भारतीय दीपावली महोत्सव और दीपोत्सव देखकर

फ़िर नए वेरिएंट की रूप बदलकर तेजी से दस्तक/covid new variant

October 22, 2022

फ़िर नए वेरिएंट की रूप बदलकर तेजी से दस्तक नए वेरिएंट का खतरा बढ़ा – स्वास्थ्य मंत्रालय की हाई प्रोफाइल

मिशन लाइफ (Mission Life)

October 22, 2022

मिशन लाइफ (Mission Life) आओ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अपने सामर्थ्य के हिसाब से योगदान दें सुरक्षित पर्यावरण

दीपावली पर लेख /deepawali special article in hindi

October 22, 2022

दीपावली पर लेख /deepawali special article in hindi दीपोत्सव हजारों सालों से मनाया जाता हैं।कार्तिक माह में बारिशों के खत्म

आओ पांच दिन खुशियों वाले आस्था का पर्व दीपावली का उत्सव मनाए/deepawali special article in hindi

October 22, 2022

आओ पांच दिन खुशियों वाले आस्था का पर्व दीपावली का उत्सव मनाए पांच दिनों का दीपावली महोत्सव धनतेरस से शुरू

Leave a Comment