Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

दिवाली/Diwali

दिवाली/Diwali ! जगमगाता प्यारा सा त्यौहार,खुशियों से महके सारा परिवार,बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रचार,दीया और लाइट से चमचमाता …


दिवाली/Diwali !

दिवाली/Diwali

जगमगाता प्यारा सा त्यौहार,
खुशियों से महके सारा परिवार,
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रचार,
दीया और लाइट से चमचमाता सारा संसार!

नए नए कपड़े पहन कर,
खुशी मनाता है हर एक घर,
मिठाई, पकवान और पूजा अर्चना कर,
त्यौहार मनाया जाता है हर दर पर!

सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध त्योहारों में से एक,
अंधकार में प्रकाश की जीत का संदेश,
करती है लक्ष्मी, हर घर में प्रवेश,
कितना प्यारा लगता है हमारा देश!

चलो मनाए दिवाली, पर ध्यान रहे,
कहीं पर भी प्रदूषण ना फैलाए,
अपनी और सब की जिंदगी में रोशनी लाए,
आप सभी को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं!

About author

डॉ. माध्वी बोरसे! ( स्वरचित व मौलिक रचना) राजस्थान (रावतभाटा)


डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

Pita par kavita | kavita:pita ek ummid ek aas hai

May 18, 2023

पिता एक उम्मीद एक आस है पिता ज़मीर पिता जागीर है पिता ईश्वर अल्लाह का ही एक रूप है जिसके

लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया

May 14, 2023

लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया कलम प्रखरव नहीं थी मेरी इसे प्रखरव बनाया है।।हर गहरा ज़ख़्म मेरा शब्दों में ज़हर

मातृदिवस विनयांजलि-मॉं मेरा जीवन आधार

May 11, 2023

मातृदिवस विनयांजलि-मॉं मेरा जीवन आधार मातृदिवस विनयांजलि तेरा नाम जुबां पे आते ही मेरे दर्द सभी थम जाते हैं ,माँ

हे मेरे ईश्वर अल्लाह, परवरदिगार मेरे मालिक

May 11, 2023

हे मेरे ईश्वर अल्लाह, परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं उसने कहा बक्ष दूंगा मैंने कहा परेशान हूं

मेरे अपने ……. (Mere apne)

May 7, 2023

मेरे अपने ……. रिश्ते बंधे होते हैं, कच्चे धागे की डोर सेहमने तो संभाला बहुत, अपने रिश्तों कोपर रिश्तों की

एक कोशिश , जरिया बनने की

May 4, 2023

एक कोशिश , जरिया बनने की ज़हर जो उगले मेरी कलम छील के ये रख देती हैक्रोध कि ज्वाला धधक

PreviousNext

Leave a Comment