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Dr_Madhvi_Borse, poem

दिवाली/Diwali

दिवाली/Diwali ! जगमगाता प्यारा सा त्यौहार,खुशियों से महके सारा परिवार,बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रचार,दीया और लाइट से चमचमाता …


दिवाली/Diwali !

दिवाली/Diwali

जगमगाता प्यारा सा त्यौहार,
खुशियों से महके सारा परिवार,
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रचार,
दीया और लाइट से चमचमाता सारा संसार!

नए नए कपड़े पहन कर,
खुशी मनाता है हर एक घर,
मिठाई, पकवान और पूजा अर्चना कर,
त्यौहार मनाया जाता है हर दर पर!

सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध त्योहारों में से एक,
अंधकार में प्रकाश की जीत का संदेश,
करती है लक्ष्मी, हर घर में प्रवेश,
कितना प्यारा लगता है हमारा देश!

चलो मनाए दिवाली, पर ध्यान रहे,
कहीं पर भी प्रदूषण ना फैलाए,
अपनी और सब की जिंदगी में रोशनी लाए,
आप सभी को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं!

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डॉ. माध्वी बोरसे! ( स्वरचित व मौलिक रचना) राजस्थान (रावतभाटा)


डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


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