Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Nandini_laheja, poem

दिल ढूँढता है-नंदिनी लहेजा

दिल ढूँढता है कहाँ गए बचपन के वो दिन,जो निश्चिंतता में गुजरते थे।ना लोभ था,ना कोई कपट,निश्छलता लिए रहते थे।दिल …


दिल ढूँढता है

दिल ढूँढता है
कहाँ गए बचपन के वो दिन,
जो निश्चिंतता में गुजरते थे।
ना लोभ था,ना कोई कपट,
निश्छलता लिए रहते थे।
दिल ढूंढ़ता हैं उनको हमेशा,
काश कि वापस आ जाएँ।
चिंताओं से ग्रस्त,और कर्मों में व्यस्त ,
जीवन से मुक्ति दे जाएँ।
दिल ढूंढ़ता हैं,उन मित्रों को,
जो दूर हो गए हमसे।
जीवन में कुछ, पाने को निकले,
और साथियों को,अपने छोड़ चले।
मिल जाएँ तो पूछेंगे उनसे,
क्या बीते पलों को,वे भी हैं याद करते।
आज के अपने मित्रों में ,
वे पुराने साथियों को कभी हैं ढूंढा करते।
दिल ढूंढ़ता हैं अस्तित्व अपना,
जो खो गया है यहीं कहीं।
मुस्कान के भीतर,छुपे दर्द को,
जो कह ना पाता किसी से कभी।
मिल जाए वो मुझको,
बस से ये दुआ करना।
थक गए,आवरण को ओढ़े,
चाहते स्वयं से मिलना।

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित


Related Posts

हाजिर जवाबी अटल बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

हाजिर जवाबी अटल बिहारी देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानी उन्हीं श्रेणी

रणछोड़ – डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

शीर्षक -रणछोड़ जिस बातों की है वियोगछोड़ कर भागा रणछोड़ढूँढती है नैना तुझकोभूल गए सलोने मुझको वेदना हमें मिले उपहारक्या

बिकते – बहकते वोटर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

बिकते – बहकते वोटर लोकतंत्र में… वोट के अधिकार के लिएकिसी योग्यता या मेहनत कीजरूरत नहीं पड़ती,बस पैदा होना ही

नंबर आएगा सभी का- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

नंबर आएगा सभी का कत्ल नहीं हुआ अब तक हमारा धर्म मानने वालों में से किसी का,हमारी जाति में से

कोई कुछ साथ न ले जा पाया- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

कोई कुछ साथ न ले जा पाया रिश्वतें देकर रुपयों-पैसों,कीमती धातुओं, हीरे-जवाहरात की,दिन-रात स्तुति गान में रमे रहकर,सौदे बहुत किये

साड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 27, 2021

साड़ी साड़ी सिर्फ़ परिधान नहींस्त्री गौरव की भी शान हैसाड़ी विश्व में भारतीय नारियों कामान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में

Leave a Comment