Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

तीन पंख वाला चुनावी पक्षी यू पी में?

तीन पंख वाला चुनावी पक्षी यू पी में? कई दिनों से राजकरणीय छिछालेदर हो रही हैं यू पी में,सपा के …


तीन पंख वाला चुनावी पक्षी यू पी में?

तीन पंख वाला चुनावी पक्षी यू पी में?
कई दिनों से राजकरणीय छिछालेदर हो रही हैं यू पी में,सपा के कई कार्यकर्ता उसे छोड़ कर जा रहें है तो बीजेपी के कद्दावर नेता सपा में जा मिल रहे हैं और ये बाहुबली अपनी जाति के जोर पर कितना सपोर्ट सपा को दिला सकते हैं।कहीं यादव घराने की पुत्रवधु ने बीजेपी का आश्रय ले लिया हैं,इसका कोई ज्यादा असर चुनाव में पड़े या नहीं पड़े किंतु सपा की साख में कमी जरूर आ जायेगी।और भी कई दलबदल की घटनाएं घटती रही हैं।लेकिन आज जो सुना जा रहा हैं उससे पूरा राजकीय गणित पर असर हो सकता हैं।पार्टी के उदय से ही कांशीराम के साथ रहे बाबूसिंह कुशवाहा ओबीसी के नेता, वैमसेफ के दलित नेता वामन मेश्राम भी होंगे,असुरिद्दीन औवेसी भी होंगे और सभी मिल कर एक नया पक्ष बनाने के लिए प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं तो जो बनेगा वह गठ जोड़ ही होगा।पहले तो बीजेपी खूब प्रचार प्रसार करती रही और योगी जी के कार्यों को बताती रहीं,लेकिन मत के मतवाले सपा के शीर्ष नेता अखिलेश ने तो जिन्ना को भी अपने राष्ट्रीय नेताओं की कतार में खड़ा कर दिया और लघुमति कौम के मत बटोरने का प्रावधान कर लिया।तो दो पक्षीय मुकाबला था।प्रियंका की तूती तो बज बज के बंद हुई जा रही थी।अब एक तीसरा मोर्चा बन रहा हैं और जाहिर भी कर दिया हैं उनका गठबंधन।जिससे वे लोग भी २०२२ के चनावों को जीत सके।
ये तीनों मिलकर गठजोड़ करने अनाउंसमेंट प्रेस कांफ्रेंस में जाहिर भी कर दिया हैं। जिसका असर पूरे प्रांत में होगा ऐसा दावा बाबूसिंह कुशवाहा का दावा हैं।ये थर्ड फ्रंट बनेगा। आज तक ज्यादा चर्चे में सपा और भाजपा ही आगे आए थे।अल्पसंखक, ओबीसी और एस सी यानी कि ओवैसी,बाबूराम और मेश्राम मिलकर ये गठजोड़ बना रहे हैं।
खुले आम लगा हैं बाजार जहां धर्म और ईमान को खुले आम बेचा और खरीदा जाता हैं।संविधान के नाम पर ऐसा खेल खेला जाता हैं कि पूछो मत।सब को संविधान से फायदे ही चाहिए हैं,फर्ज नहीं ,कब तक ये लोकतंत्र की गाय को दुहते जायेंगे,सभी को अमीर होना हैं तो सब से अच्छा व्यवसाय राजकरण ही हैं।
आजकल सुन रहे हैं कि भारत में करोड़ पतियों और अरब पतियों की लिस्ट में नामों की बढ़ोतरी हो रही हैं।महंगी से महंगी गाड़ियों की बिक्री बढ़ रही हैं,चलो अच्छा हैं लेकिन आम आदमी को क्या मिला इस उन्नति से ,गरीबों को भी क्या मिला जो दिहाड़ी कमाते हैं और खाते हैं।
चलो इंडस्ट्रियलिस्ट तो उत्पाद बढ़ाते हैं देश का,रोजगार देते हैं और अर्थशास्त्र में सीधा ही हिस्सा देते हैं।लेकिन जो राजकर्णी और नटकर्णी जो काम कम करते हैं और करोड़ों की गाड़ियों में घूमते हैं,inproductive आमदनी लेते हैं यही अर्थव्यवस्था को कमजोर बना के आर्थिक समन्वय को ढहा देता हैं।एक फिल्म बनती हैं तो रोजगार मिलता हैं लेकिन उत्पाद, जीरो,शून्य होता हैं।उल्टा लोगों के समय का व्यय बढ़ता हैं जो आजकल नेट, टीवी आदि भी कर रहे हैं।वैसे ही राजकरणी भी तो उत्पाद बगैर का काम ही करते हैं जिसे न बेचा जाता हैं न ही निर्यात किया जाता हैं।उपर से सामाजिक वैमनस्य पैदा कर समाज व्यवस्था को हानि पहुंचाते हैं।
ये ७० सालों से चला आ रहा सिलसिला कौन और कैसे खत्म करेंगे ये तो ईश्वर ही जाने।और अगर यही परिस्थियाँ रही तो देश का क्या होगा ये भी ईश्वर ही जाने।क्यों बिक रहें हैं मानव,धर्म और जाति सरेआम?

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

Desh ka man Lekh by jayshree birmi

August 22, 2021

 देश का मान जब देश यूनियन जैक की कॉलोनी था तब की बात हैं। उस समय में भी देश को

Kahan hai swatantrata by jayshree birmi

August 22, 2021

 कहां है स्वतंत्रता खुशी मानते है हम दुनिया भरकी क्योंकि अब आया हैं स्वतंत्रता का ७५ साल, यानी कि डायमंड

Swatantrata ke Alok me avlokan by satya prakash singh

August 14, 2021

 स्वतंत्रता के आलोक में – अवलोकन  सहस्त्र वर्ष के पुराने अंधकार युग के बाद स्वतंत्रता के आलोक में एक समग्र

Ishwar ke nam patra by Sudhir Srivastava

August 7, 2021

 हास्य-व्यंग्यईश्वर के नाम पत्र    मानवीय मूल्यों का पूर्णतया अनुसरण करते हुए यह पत्र लिखने बैठा तो सोचा कि सच्चाई

Lekh kab milegi suraksha betiyon tumhe by jayshree birmi

August 6, 2021

 कब मिलेगी सुरक्षा बेटियों तुम्हे गरीब की जोरू सारे गांव की भौजाई ये तो कहावत हैं ही अब क्या ये

seema ka samar -purvottar by satya prakash singh

August 3, 2021

सीमा का समर -पूर्वोत्तर पूर्वोत्तर की सात बहने कहे जाने वाले दो राज्यों में आज सीमा का विवाद इतना गहरा

Leave a Comment