Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Mohan_bairagi, lekh

डॉ. मोहन बैरागी को मिस्र, इजिप्ट में मिला हिंदी सम्मान

डॉ. मोहन बैरागी को मिस्र, इजिप्ट में मिला हिंदी सम्मान हिंदी साहित्य के राहुल सांकृत्यायन सम्मान से विभूषित हुए डॉ. …


डॉ. मोहन बैरागी को मिस्र, इजिप्ट में मिला हिंदी सम्मान

डॉ. मोहन बैरागी को मिस्र, इजिप्ट में मिला हिंदी सम्मान

हिंदी साहित्य के राहुल सांकृत्यायन सम्मान से विभूषित हुए डॉ. मोहन बैरागी
उज्जैन। हिंदी साहित्य और हिंदी भाषा का डंका विश्व के कई देशों में वर्तमान समय में बज रहा है। विगत दिनों ही हिंदी भाषा को सातवें क्रम में वैश्विक रूप से स्वीकृत किया गया है। भारतीय भाषा और हिंदी साहित्य की व्यापकता इसी बात से प्रमाणित होती है कि मिस्र के नोबेल पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार अहमद शौक़ी ने भारत से रबिंद्रनाथ टैगोर को मिस्र आमंत्रित कर अपना सारा साहित्य समर्पित कर दिया था। साहित्य को समर्पित विद्वानों के ऐसे देश में 19वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन 6 जून से 17 जून 2022 को मिस्र के काहिरा में आयोजित किया गया। भारत तथा अन्य देशों के विद्वानों व साहित्यकारों के इस संयोजन के समय वैश्विक रूप से भारतीय भाषा को स्थापित करने के प्रयास में यह सम्मेलन मिल का पत्थर साबित होगा, यह गौरव का विषय है।
विदेशी धरती पर सम्मान मिलने के अवसर पर यह बात डॉ. मोहन बैरागी ने सम्मान समारोह में कही। भारत से अलग-अलग विषयों में दखल रखने वाले विद्वानों ने अपनी आमद इस आयोजन में दी। इस अवसर पर विद्वानों को सम्मानित किया गया, तथा इस कड़ी में 14 जून 2022 को इजिप्ट के काहिरा शहर के ग़िज़ा में स्थित पिरामिड पार्क रिसोर्ट में एक भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश उज्जैन के डॉ.मोहन बैरागी को हिंदी के प्रकांड विद्वान राहुल सांकृत्यायन सम्मान से सम्मानित किया गया। डॉ. मोहन बैरागी द्वारा अल्प समय मे हिंदी में विभिन्न विधाओं में लेखन तथा उत्कृष्ट साहित्य के लिए यह सम्मान दिया गया। यह सम्मान इजिप्ट तथा भारत के विद्वानों व साहित्यकारों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के करकमलों से दिया गया।
हज़ारों किलोमीटर दूर विदेशी धरती पर मिले इस सम्मान के लिये डॉ.मोहन बैरागी ने अपने माता पिता, परिवारजन, साथी मित्रों, गुरुजनों, डॉ. शैलेंद्रकुमार शर्मा, डॉ. जगदीश शर्मा, संतोष सुपेकर, शशिरंजन अकेला, अशोक भाटी, दिनेश दिग्गज, अशोक नागर, संदीप नाडकर्णी, मुकेश जोशी, सुरेंद्र सर्किट, नरेंद्र अकेला व अभिन्न पत्रकार मित्रों को याद कर धन्यवाद दिया, जिनके संबल से यह उपलब्धि हासिल हुई है।
इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा तथा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष टॉमन सिंग सोनवानी, वरिष्ठ विद्वान साहित्यकार जवाहर गंगवार, डॉ. सुखदेवे, छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग के सचिव जीवनकिशोर ध्रुव, उत्तर प्रदेश, भारत सरकार से यश भारती सम्मान प्राप्त डॉ. रामकृष्ण राजपूत, डॉ. जयप्रकाश मानस, मुमताज, उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड की निदेशक डॉ. सविता मोहन तथा इजिप्ट के पुरातत्वविद व साहित्यकार तथा पर्यटन विशेषज्ञ सुश्री शाइमा, मुहम्मद, अहमद, अब्दुल्ला, मुहम्मद व अन्य विद्वानों की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

संलग्र चित्र-
सादर प्रकाशनार्थ
ब्यूरो/सम्पादक

डॉ. मोहन बैरागी
मो. 9424014366


Related Posts

358 दिन के आंदोलन से हुई लोकतंत्र की जीत

November 22, 2021

 किसान एकता के आगे झुकी सरकार, हुई कृषि कानून की वापसी 358 दिन के आंदोलन से हुई लोकतंत्र की जीत

Kya sayana kauaa ….ja baitha by Jayshree birmi

November 17, 2021

 क्या सयाना कौआ………जा बैठा? हमे चीन को पहचान ने के लिए ज्यादा कोशिश नहीं करनी पड़ती।हम १९६२ से जानते है

Sanskritik dharohar ko videsho se vapas lane ki jarurat

November 13, 2021

 भारत की अनमोल, नायाब, प्राचीन कलाकृतियां, पुरावशेष और सांस्कृतिक धरोहरों को विदेशों से वापस लाने की जांबाज़ी हर शासनकाल में

Bal diwas he kyo? By Jayshree birmi

November 12, 2021

 बाल दिवस ही क्यों? कई सालों से हम बाल दिवस मनाते हैं वैसे तो दिवस मनाने से उस दिन की

Bharat me sahitya ka adbhud khajana by kishan bhavnani gondiya

November 12, 2021

भारत में साहित्य का अद्भुद ख़जाना –   साहित्य एक राष्ट्र की महानता और वैभवता दिखाने का एक माध्यम है 

Masoom sawal by Anita Sharma

November 12, 2021

 ” मासूम सवाल” एक तीन सवा तीन साल का चंचल बच्चा एकाएक खामोश रहने लगा….पर किसी ने देखा नही।उस छोटे

Leave a Comment