Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Tamanna_Matlani

जीवन में किसका कितना महत्व…..?

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात… जीवन में किसका कितना महत्व…..? इस धरा पर असंख्य जीव-जंतु रहते हैं। उनमें से …


नन्हीं कड़ी में….
आज की बात…

जीवन में किसका कितना महत्व…..?

जीवन में किसका कितना महत्व.....?

इस धरा पर असंख्य जीव-जंतु रहते हैं। उनमें से हम मनुष्य योनि में जनम लेने वाले परमपिता परमात्मा की श्रेष्ठतम रचना है। हम सभी समूह में रहते हैं और एक दूसरे से हमारा पारस्परिक संबंध हमेशा बना रहता है। सांसारिक जीवन में प्रत्येक व्यक्ति का महत्व अलग-अलग होता है ।
कोई कितना भी सगा संबंधी क्यों ना हो, उसका केवल सगा होना ही हमारे जीवन में उसके महत्व को बढ़ा नहीं सकता। कई बार ऐसा भी होता है कि हमारे जीवन में किसी व्यक्ति विशेष के कारण कुछ पल खुशियों के मिल जाते हैं तो उन व्यक्तियों का महत्व सगे-संबंधी से भी अधिक हो जाता है। कहने का तात्पर्य यह है कि केवल रिश्तेदार होने से ही किसी व्यक्ति के महत्व का आकलन नहीं किया जा सकता। हमने कई बार यह महसूस किया होगा कि जब कोई तकलीफ, मुसीबत या विपरीत परिस्थिति हमारे जीवन में आती है, तब जहां सगे संबंधी और रिश्ते किनारा कर लेते हैं वहीं ऐसे विकट पलों में परमात्मा किसी ऐसे व्यक्ति को अपना दूत बनाकर हमारे जीवन में भेजता है जिसकी हमने कभी कोई कल्पना भी नहीं की होगी। परमात्मा कभी भी किसी नेकदिल इंसान को अकेला नहीं छोड़ता। एक द्वार के बंद हो जाने पर परमपिता परमात्मा अपने प्रिय के लिए अनेक द्वार खोल देता है। हमें हमारे जीवन में कई ऐसे लोग मिल जाएंगे जो कहते हैं कि मैं तुम्हारा अपना हूं, परंतु ऐसा कहने भर से ही कुछ नहीं होता। अपने रिश्ते तो वह होते हैं जो मुसीबत के समय साथ आकर खड़े होते हैं।
केवल आर्थिक मदद करने भर से ही किसी का कल्याण संभव नहीं होता, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में जब कोई साथ निभाने के लिए बिना किसी स्वार्थ के साथ आकर खड़ा रहता है और कंधे पर हाथ रख कर ढांढस बंधाते हुए कोई यह कहता है कि *”कोई बात नहीं चिंता मत करो, मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं और हम मिलकर सब ठीक कर देंगे”* सच्चे अर्थों में वही व्यक्ति अपना है और परम पिता परमात्मा के द्वारा भेजा गया अनमोल रत्न होता है।
आज के आधुनिक दौर में जब एक भाई अपने दूसरे सगे भाई के साथ धन-संपदा के कारण संबंध बिगाड़ कर बैठा है तब ऐसे विकट समय में अपने सगे होने का दायरा ही समाप्त सा होता जा रहा है। यह भी आवश्यक नहीं है कि प्रत्येक व्यक्ति सामने आकर हमारे साथ खड़ा होकर हमारी मदद कर सके। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो प्रत्यक्ष रूप में हमारे साथ भले ही ना खड़े हो परंतु समय-समय पर हमें अपनेपन का अहसास करवाते रहते हैं। ऐसे लोगों द्वारा हमारे हित के लिए की गई प्रार्थना हमारे लिए ईश्वर के आशीर्वाद से कम नहीं होती है। लोगों के रंग-ढंग देखकर यह शीघ्र ही समझ में आ जाता है कि इस कलयुग में किस व्यक्ति का कितना महत्व है। ऐसा नहीं है कि किसी के सहयोग के बिना किसी व्यक्ति का कोई कार्य रुक जाता है परंतु जरूरत के समय जब कभी किसी व्यक्ति का सहयोग मिल जाता है तो वह उम्र भर के लिए याद रहता है। हमारी सोच सदैव बड़ी होनी चाहिए। जिस व्यक्ति ने जरूरत के समय हमारे लिए उंगली कटवाई हो उस व्यक्ति के लिए सदैव शीश कटवाने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस उदाहरण में उंगली की तुलना किसी भी प्रकार की छोटी सी सहायता से है और शीश की तुलना बदले में की गई किसी बड़ी सहायता के लिए की गई है।
कई लोग ऐसे भी देखने को मिल जाते हैं जो किसी के द्वारा किए गए सहयोग या दिए गए साथ का महत्व ही नहीं समझ पाते। ऐसे लोग इस प्रकार किए गए सहयोग को किसी न किसी स्वार्थ से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं। ऐसी सोच रखने वाले व्यक्ति को हम अहसान फरामोश की उपाधि दे सकते हैं। निस्वार्थ भाव से सहायता करने वाले लोगों को ढूंढना अत्यंत मुश्किल है। निस्वार्थ सहायता करने की सोच रखने वाला व्यक्ति यदि हमारा कोई रिश्तेदार,दोस्त अथवा कोई अपना है तो यकीन मानिए वह हमारे लिए किसी अनमोल रत्न से कम नहीं है,उस व्यक्ति का साथ पाकर इस संसार के खुशकिस्मत लोगों की गिनती में एक गिनती हमारी भी अवश्य होगी। अंत में तो मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगी कि हमारे जीवन में किस व्यक्ति का कितना महत्व है इसका निर्णय हमें स्वयं करना है।
अतः आइए मित्रों हम सभी अपने जीवन में अपने रिश्तों को पहचानकर अपने-परायों का चुनाव करते चले जाएं और जो वास्तव में अपनापन दर्शाने और निभाने वाले रिश्ते हैं उनका हर पल शुकराना करते जाएं। साथ ही हमें परमपिता परमात्मा का भी हमेशा शुक्र करना चाहिए,जिन्होंने हमारे कष्ट हरने और साथ देने के लिए अपना दूत बनाकर एक अनमोल रत्न हमारे पास भेजा है।
इस धरा पर हमें सुखमय जीवन देने के लिए तुम्हारा पल-पल शुक्र है मेरे मालिक……

About author 

Tamanna matlani

तमन्ना मतलानी
गोंदिया(महाराष्ट्र)


Related Posts

हार न मानने की जिद ने पैदा किया कवि और पायी परिस्थितियों पर जीत।

July 21, 2022

हार न मानने की जिद ने पैदा किया कवि और पायी परिस्थितियों पर जीत। ‘तितली है खामोश’ से सत्यवान ‘सौरभ’

एक मजबूत, शक्तिशाली और विकासशील भारत।/ek majboot shaktishali aur vikassheel bharat

July 19, 2022

 एक मजबूत, शक्तिशाली और विकासशील भारत। (उदीयमान प्रबल शक्ति के बावजूद भारत अक्सर वैचारिक ऊहापोह में घिरा रहता है. यही

अत्यधिक ऑनलाइन गेमिंग बच्चों की शिक्षा और सोच पर डाल रही हानिकारक प्रभाव।

July 18, 2022

 अत्यधिक ऑनलाइन गेमिंग बच्चों की शिक्षा और सोच पर डाल रही हानिकारक प्रभाव। सरकार बच्चों के लिए ऑनलाइन गेमिंग घंटे

क्यों वेतनभोगी दुधारू गाय कर के लिए बार-बार दूध दुही जाती है?

July 16, 2022

  क्यों वेतनभोगी दुधारू गाय कर के लिए बार-बार दूध दुही जाती है? प्रियंका ‘सौरभ’ (आखिर एक तनख्वाह से, कितनी

अग्निपथ योजना का विरोध बेरोजगारी संकट का सूचक है।

July 15, 2022

 अग्निपथ योजना का विरोध बेरोजगारी संकट का सूचक है। प्रियंका ‘सौरभ’ बेरोजगारी आज भारत में चिंताजनक चिंता का कारण बनता

“फ़िल्म को हीट बनाने के नया फार्मूला” /Film ko hit banane ke naya formula

July 15, 2022

 “फ़िल्म को हीट बनाने के नया फार्मूला” /Film ko hit banane ke naya formula  फ़िल्मों के साथ हमारा समाज गहराई

Leave a Comment