Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, Jayshree_birmi

जीवन की सच्चाई /jeevan ki sacchai

 जीवन की सच्चाई  ’ब्रह्म सत्य जगत मिथ्या’ शास्त्रों ने तो यही बताया हैं कि जगत यानि कि जीवन मिथ्या हैं।जीवन …


 जीवन की सच्चाई 

’ब्रह्म सत्य जगत मिथ्या’ शास्त्रों ने तो यही बताया हैं कि जगत यानि कि जीवन मिथ्या हैं।जीवन को मिथ्या समझने का मर्म ये हैं कि जीवन को अच्छे कर्मों से , सत्य की राह पर चलकर सार्थक बनाओं, न कि झूठ और फरेब के आचरण से नर्क सा बनाओ।एक झूठ सो झूठ बुलवाता हैं ये हम सब जानते ही हैं। उस वक्त  झूठा इंसान कितनी यातनाएं भुगतता हैं वह वहीं जाने।सब से पहलें झूठ को छिपाओ फिर बाहर नहीं आ जाएं इसके लिए मनघड़ंत दूसरे झूठ ओर फिर एक ओर फिर एक ओर…. बस सिलसिला चल पड़ता हैं।

     ब्रह्म का मतलब सच्चिदानंद, जगत का मूल रूप,ईश्वर,परमात्मा ही हैं।अगर जीवन का सत्य जानना हो तो उनके कहे मार्ग पर चलने से ही उस सत्य की प्राप्ति होगी।जीने को तो जीवन सभी जीते हैं किंतु उनकी गुणवत्ता अलग अलग होती हैं।अगर नरतन पाया हैं जो सूक्ष्म जीवाणु और पशु पक्षियों से उत्तम हैं तो उस उत्तम प्राप्ति को कनिष्ठ कर्मों में नहीं उलझा कर सत्कर्म के मार्ग पर चलने से उत्तम जीवन फल प्राप्त होता हैं, वैसे अंत तो सभी का एक ही हैं चिता तक का लेकिन रास्ते अलग अलग होंगे।किसी की शानदार मृत्यु,पीछे रोने वाले अनेक,अच्छे कर्मों की सराहना करके दुःखी होते हैं।किसी की मृत्यु पर मगर मच्छ के आंसू और मन में भावना कि गया तो ठीक हे धरा का भार कम हो गया,क्योंकि पाप का वजन ज्यादा होता हैं ,जड़ होने की वजह से ।जन्म से मृत्यु तक का सफर सभी को तय करना ही हैं लेकिन मुख्य प्रश्न ये हैं कि वह कैसा हो।

सुख में कटे या दुःख में कटे

 प्रभु अंत एक सा होयें 

About Author

जयश्री बिरमी सेवानिवृत शिक्षिका  अहमदाबाद

जयश्री बिरमी

सेवानिवृत शिक्षिका 
अहमदाबाद

Related Posts

अलविदा 2021-जयश्री बिरमी

December 27, 2021

अलविदा 2021 एक बुरे स्वप्न की समाप्ति सा लग रहा हैं इस वर्ष का समाप्त होना।और मन थोड़ा आहत भी

इंसाफ़ ?-जयश्री बिरमी

December 10, 2021

 इंसाफ़ ? आज के अखबार में I कि किसान आंदोलन के दौरान किए गए मुकदमों को वापिस लेने पर सरकार

देखो पहले देशहित- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

 देखो पहले देशहित हम किसी भी संस्था या किसी से भी अपनी मांगे मनवाना चाहते हैं तब विरोध कर अपनी

समानता का अधिकार – सुधीर श्रीवास्तव

November 30, 2021

समानता का अधिकार सुनने कहने में कितना मीठा, प्यारा लगता है “समानता का अधिकार”।      पर जरा धरातल पर

सर्दियां अदरक और हम -जयश्री बिरमी

November 22, 2021

सर्दियां अदरक और हम आयुर्वेद में अदरक के फायदों का वर्णन किया गया हैं ये तो अपने देश में ही

हम और हमारी आजादी-जयश्री बिर्मी

November 22, 2021

हम और हमारी आजादी कंगना के बयान पर खूब चर्चे हो रहे हैं लेकिन उनके  बयान  के आगे सोचे तो

PreviousNext

Leave a Comment