Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

जिस पर हमे नाज हैं वो हैं हरनाज- जयश्री बिरमी

 जिस पर हमे नाज हैं वो हैं हरनाज ७० वीं मिस यूनिवर्स स्पर्धा जो इजराइल में हुई उसमे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन …


 जिस पर हमे नाज हैं वो हैं हरनाज

जिस पर हमे नाज हैं वो हैं हरनाज- जयश्री बिरमी७० वीं मिस यूनिवर्स स्पर्धा जो इजराइल में हुई उसमे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में अनुस्नातक ,२१वर्षीय हरनाज़ संधू ने २०२० का मिस यूनिवर्स का ताज पहना हैं। १९९४ में ये ताज सुष्मिता सेन ने जीता था और २००० में ये ताज लारा दत्ता ने जीता था।ये वही साल था जब संधू ने जन्म लिया था।आज २१ साल बाद फिर उसे संधू ने  प्राग्वे की नदिया फरीरा और दक्षिण अफ्रीका की ललेला मेसवा से कड़ी प्रतियोगिता के बाद जीत ही लिया हैं।

गुरदासपुर के छोटे से गांव में जन्मी हरनाज़ संधू जैसे ही मिस यूनिवर्स( विश्व सुंदरी)बनी सब जगह संधू संधू ही छाई हुई हैं।सौंदर्य और बुद्धि मत्ता की धनी पूरी दुनियां में छा गई हैं।आज २१ सालों के बाद भारत को इस खिताब उसिकी वजह से लाने का सदभाग्य मिला हैं।अब जब ये नायब कामयाबी  पाई हैं तो सभी को हरनाज़ के बारे में जानने की उत्सुकता होना स्वाभाविक बात हैं।

गुरदासपुर के कोहाली में सिख परिवार में जन्मी हरनाज़ का परिवार किसानी से जुड़ा हुआ हैं।उसकी माता चंडीगढ़ की सरकारी अस्पताल में गायनेकोलॉजिस्ट हैं जिन्हाे ने अपनी बेटी को बचपन से ही फिटनेस का खयाल रखने का पाठ पढ़ाया था।वह फैशन को लेके भी काफी गंभीर थी।किसान की बेटी के लिए ये सब करना थोड़ा मुश्किल तो था ही फिर भी वह कॉलेज में मॉडलिंग आदि में हिस्सा लेती थी तब गांव वाले और सहपाठी उसके दुबलेपन को लेके फब्तियां कसते थे। इससे वह मानसिक तनाव में भी रहने लगी थी किंतु परिवार वालों ने बहुत साथ दिया उसे।और उसे किसी की फब्ती को मन पर नहीं ले अपनी पढ़ाई के अलावा  मॉडलिंग आदि में ध्यान लगाया।इससे पहले भी कई अवार्ड मॉडलिंग में भी जीते हैं लेकिन पढ़ाई पर इसका कोई असर नहीं आने दिया।स्कूल से लेकर कॉलेज तक उसने कभी कोई कोचिंग नहीं ली और न ही कभी अपने लक्ष्य को पाने के लिए पढ़ाई का हर्जा होने दिया।

२०१७ में एक  स्टेज शो में पहली परफॉर्मेंस दी और मशहूर हो गई फिर कभी मुड़के नहीं देखा।और फिर टीन एज में ही ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था।

हरनाज़ फिटनेस और योग के अलावा,घुड़सवारी,तैराकी,एक्टिंग,डांसिंग,और घूमने की भी शौकीन हैं।उसे फिल्मों में भी काम करने का शौक हैं।फिलहाल उसके पास दो पंजाबी फिल्मों में काम करने का ऑफर हैं।

साक्षात्कार  राउंड में उसे पूछे गए सवाल के जवाब ने भी इस ताज को जितने में मदद की हैं।जब पूछा गया कि आज की युवा महिलाएं दबाव में जीती हैं उन्हे वह क्या सलाह देगी।तो जवाब में संधू ने कहा कि आज की महिलाएं जो दबाव (प्रेशर)में जीती हैं उसकी एक ही वजह हैं,अपने आप पर भरोसा रख,अपने को यूनिक समझ ने से  विश्वास और सुंदरता मिलतें हैं,दूसरों से अपनी तुलना करने से दूर रहना चाहिए। दुनियां में सबसे महत्व की बातों की चर्चाएं होती हैं उसकी बात करें।अपने लिए आवाज उठाएं।

ऐसी सुंदर और गुणी हैं ये विश्वसुंदरी आज देश का मन पूरी दुनियां में बढ़ा रही हैं।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद
(संकलित)


Related Posts

विरोध किसका संस्कृति का?- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

 विरोध किसका संस्कृति का? क्यों हमारे समाज में कोई भी प्रश्न नहीं होने के बावजूद प्रश्नों को उठाया जाता हैं?

मगरमच्छ के आंसू- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

 मगरमच्छ के आंसू वो दौर था जब अफगानिस्तान में तालिबानों  का अफगान फौज को हरा कर कब्जा कर लिया था

विश्व हिंदी दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

 विश्व हिंदी दिवस  हिंदी की लोकप्रियता को लेकर समूचे विश्व में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।

सम्मान का बोझ- जयश्री बिरमी

January 13, 2022

 सम्मान का बोझ  कहीं पढ़ा था की लड़कियों का आत्मसम्मान बढ़ाओ शादी की उम्र नहीं,सही बात हैं,लड़कियों को सम्मान मिलना

ली उबासी और निगली मक्खी- जयश्री बिरमी

January 13, 2022

 ली उबासी और निगली मक्खी खूब चर्चा में हैं मुख्य मंत्री चन्नी का पराक्रम, कांड तो शायद कह सकते इसे।जो

अपना हाथ जगगन्नाथ-जयश्री बिर्मी

January 7, 2022

अपना हाथ जगगन्नाथ बचपन में ही कही पढ़ी या सुनी थी,ये स्वश्रय का जीता जागता प्रमाण ही समझो।एक ईख का

Leave a Comment