Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना

अपनी जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना! उन्होंने मुझे हंसा दिया,उन्होंने मुझे रुला दिया,उन्होंने मुझे गुस्सा दिलाया,उन्होंने मुझे …


अपनी जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना!

जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना
उन्होंने मुझे हंसा दिया,
उन्होंने मुझे रुला दिया,
उन्होंने मुझे गुस्सा दिलाया,
उन्होंने मुझे दर्द दिया!

उनकी वजह से ऐसा हुआ,
उनकी वजह से वैसा हुआ,
उनका ही सब किया कराया,
उन्होंने मुझे खूब सताया!

उनकी वजह से मैं उदास हूं,
उनकी वजह से मैं निराश हूं,
उनकी वजह से परेशान हूं,
उनकी वजह से खुश मिजाज हूं!

क्यों किसी पर इल्जाम लगाना,
क्यों किसी पर आश्रित रहना,
क्यों किसी को गलत ठहराना,
यह तो हे सिर्फ एक बहाना!

अपनी जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना,
स्वयं की जिंदगी को स्वयं ही आगे बढ़ाना,
दूसरों पर इल्जाम कभी ना लगाना,
आपके हाथों में है, स्वयं को अच्छा महसूस कराना,
अपने हाथों में है रोना,हंसना और खिलखिलाना!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

बंद कमरों की घुटन-सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 बंद कमरों की घुटन आधुनिकता की अंधी दौड़ में हमने खुद ही खुद को कैद कर लिया है कंक्रीट के

कविता डिजिटल भारत मेक इन इंडिया

May 9, 2022

कविता डिजिटल भारत मेक इन इंडिया रचनात्मक नवाचार से जुड़ा विज्ञान आम आदमी के लिए जीवन में सहजता लाता है

शोहरतों का परचम- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 शोहरतों का परचम शोहरतों के परचम  लहराने का गर इरादा है तो कुछ ऐसा कीजिए जो अलग हो औरों से

ज़िंदगी- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 ज़िंदगी वाह री जिंदगी तू भी कितनी अजीब जाने क्या क्या गुल खिलाती है कभी हंसाती, कभी रुलाती है और

कविता – ख्वाब – सिद्धार्थ गोरखपुरी

May 9, 2022

 कविता – ख्वाब  ये ख्वाब न होते तो क्या होता? झोपड़ी में रहने वाले लोग जब थोड़े व्यथित हो जाते

जलियांवाला बाग-

May 9, 2022

 जलियांवाला बाग बैशाखी का पावन दिन तारीख तेरह अप्रैल उन्नीस सौ उन्नीस एक सभा हो रही थी रौलेट एक्ट का

PreviousNext

Leave a Comment