।।जानना ।।
सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखो
जान जाओ परिस्थियो को
परिवेश को तुम जानना सीखो
जानकार जब बन जाओ गे
भ्रम से यर्थाथ के उलझनो से
निकल जाओगे
माया मे उलझ जाओगे ,
जानकारियो से पूर्ण बनाओ व्यक्तिव को अपने,
सृष्टि पर आये होतो जानना सीखों
।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी …
सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखो
जान जाओ परिस्थियो को
परिवेश को तुम जानना सीखो
जानकार जब बन जाओ गे
भ्रम से यर्थाथ के उलझनो से
निकल जाओगे
सृष्टि पर आये होतो जानना सीखों
December 3, 2021
देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद विभूति सादगी के किया सुशोभित देशऱत्न प्रथम राष्ट्रपति के ऊँचे पद मुस्कान भरी मुखमंडल परअंकुरित न हो सके
December 3, 2021
बच्चन जी सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात कोकायस्थ कुल में पैदापिता प्रताप नारायण के घरमां सरस्वती देवी की कोख सेप्रतापगढ़
December 3, 2021
कविता “मुर्दा कौन” मुर्दा वो नहीं जिसे दिखता नहीं। मुर्दा वो हैं जो देख पाता नहीं।। मुर्दा वो नहीं जो
December 3, 2021
आज फिर देखा चांद सुबह से भूखी प्यासी सीडोल रही थी गली गली कोई भी न था राजी देने को
December 3, 2021
तुम हमारी कामना संभावना से कौन करता ,कब कहां इनकार है ,प्रेम का परिणाम होगा ,दर्द का अभिशाप अपना।। शालीन
December 3, 2021
सत्य है क्या? सत्य! जैसा सोचा किसी ने, सत्य! जैसा बोला किसी ने, सत्य!जैसा लिखा किसी ने, सत्य!जैसा पढ़ा किसी