।।जानना ।।
सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखो
जान जाओ परिस्थियो को
परिवेश को तुम जानना सीखो
जानकार जब बन जाओ गे
भ्रम से यर्थाथ के उलझनो से
निकल जाओगे
माया मे उलझ जाओगे ,
जानकारियो से पूर्ण बनाओ व्यक्तिव को अपने,
सृष्टि पर आये होतो जानना सीखों
।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी …
सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखो
जान जाओ परिस्थियो को
परिवेश को तुम जानना सीखो
जानकार जब बन जाओ गे
भ्रम से यर्थाथ के उलझनो से
निकल जाओगे
सृष्टि पर आये होतो जानना सीखों
January 6, 2022
कैसे कोई गीत सुनाये कितने साथी छूट गएसब रिश्ते नाते टूट गएपल-पल मरती आशाएंजब अपने ही लगें परायेकैसे कोई गीत
January 6, 2022
प्रणय जीवन प्रेम जीवन में प्रवाहित,प्रेम से जीवन जुड़ा है,प्रेम का परिणाम हम हैं,प्रेम को जीवन समर्पित ।। जिंदगी पर्याय
January 6, 2022
जीने का अनुराग नहीं प्यासी है नदियां प्यासा है सावन,बर्षा की बेला प्यासा है चातक ,प्यासी है धरती प्यासा है
January 6, 2022
राधा की पीड़ा चल केशव बरसाना जाना,रूठ गयी जहां राधा रानी ,वृंदावन को भूल गयी है ,अपनों से भी रूठ
January 6, 2022
देर लगेगी बदल गया जमाना है…. जरा देर लगेगीन कोई ठौर ठिकाना है…..जरा देर लगेगीतुम होते जो कुत्ते! तो लेते
January 6, 2022
सड़क किनारे रहने वाले ग़रीब बेघरों को समर्पित रचना-बताओ न कैसे रहते हो मौसम ठंडा सूरज मद्धमऊपर से बदन पर