Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी

              कविता(poem) जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी वित्तीय हालत ख़राब है तो क्या हुआ …


              कविता(poem)

जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी

वित्तीय हालत ख़राब है तो क्या हुआ
जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी
फ़िर से हिम्मत करके खड़ी करेंगे
वस्तुएं खरीदने की सामर्थ्यता हमारी

कोविड के बाद खुशियों की पारी
बच्चे कर रहे नवरात्र दशहरा दिवाली की तैयारी
वित्तीय हालत ख़राब है वस्तुएं खरीदने की
सामर्थ्यता नहीं है हमारी

कोविड ने ऐसी आर्थिक छड़ी मारी
दो साल से धरी रह गई त्योहारों की फुलवारी
अब चिंता मुक्त फ़िर आई त्योहारों की बारी
परंतु वस्तुएं खरीदने की सामर्थ्यता नहीं हमारी

कैसे बताएं बच्चों से व्यथा हमारी
खाली जेब है जमा पूंजी गई हमारी
रिश्तेदार दोस्त कोई नहीं दे रहे उधारी
कोविड ने नहीं बख्शी किस्मत मारी हमारी

भारतीय हैं भारतीयता पहचान हमारी
हिम्मत हौसला धैर्य है पूंजी हमारी
फ़िर खड़ा करेंगे साम्राज्य आर्थिक स्थिति का
वस्तुएं खरीदने की सामर्थ्यता होगी हमारी-3

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

सत्य है क्या?- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

सत्य है क्या? सत्य! जैसा सोचा किसी ने, सत्य! जैसा बोला किसी ने, सत्य!जैसा लिखा किसी ने, सत्य!जैसा पढ़ा किसी

जरूरत है जागरूक बनने की- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

जरूरत है जागरूक बनने की देखकर उन्हें आनी चाहिएआम जनता में सुरक्षित होने की भावना,निकल जाना चाहिए डर मन सेगुण्डों,

सहनशीलता- सुधीर श्रीवास्तव

December 3, 2021

 सहनशीलता कैसा जमाना आ गया है ज्यों ज्यों शिक्षा का स्तर बढ़ रहा हैहम विकास की ओर बढ़ रहे हैं,हमारी

देश का दुर्भाग्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

 देश का दुर्भाग्य कृषि के लिए नीतियां बनाने मेंकृषक का प्रतिनिधित्व नहीं, शिक्षा के लिए नीतियां बनाने मेंशिक्षक का प्रतिनिधित्व

क्या हमनें पा लिया है?- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

क्या हमनें पा लिया है? वक्त गुजरने के साथसरल शिक्षाओं कोरूढ़ करके सदियों के लिएजटिल हमनें बना लिया है, महापुरुषों

सच्चाई सामने जरूर आएगी-जितेन्द्र ‘कबीर’

November 30, 2021

सच्चाई सामने जरूर आएगी नुकसान होगा,सोचकर जो तुमनेकदम खींच लिए अपनेसच्चाई की राह सेतो आस्था तुम्हारी सच्चाई परकभी सच्ची न

Leave a Comment