चुपचाप देखते रहते हो| chupchap dekhte rahte ho.
चुपचाप देखते रहते हो जाने कैसा दौर गुज़र रहा है ये , खुदा का घर दहशत में है जन्नत लिपटी …
Related Posts
Maa| माँ | maa par kavita
November 25, 2022
माँ |Maa Maa par kavita माँ ममता की खान है,माँ दूजा भगवान है ।माँ की महिमा अपरंपार,माँ श्रेष्ठ-महान है ।।
रक्तदान करो | Donate blood
November 25, 2022
रक्तदान करो Donate blood लाल रंग कि लाल कणिकाएं तरसेजरूरत मंद के जिस्म में समाने को।।रक्त बूंदे जीवनदायिनी कहलाए यही
बड़े बने ये साहित्यकार
November 21, 2022
बड़े बने ये साहित्यकार बंटते बंदर बांट पुरस्कार ।दौड़ रहे है पीछे-पीछे,बड़े बने ये साहित्यकार ।। पुरस्कारों की दौड़ में
धन के सँग सम्मान बँटेगा| Dhan ke sang samman batega
November 19, 2022
आजकल परिवार में हो रहे विवाद और आपसी बंटवारें के संदर्भ में सीख देती हुई मौलिक कविता धन के सँग
घायल परिंदे| Ghayal Parinde
November 19, 2022
घायल परिंदे मत उड़ इतना मासूम परिंदेसब जगह रह देखें हैं दरिंदेमाना आसमां बड़ा बड़ा हैंलेकिन वहां भी छैक बड़ा
सबके पास उजाले हो| sabke pas ujale ho
November 19, 2022
सबके पास उजाले हो मानवता का संदेश फैलाते,मस्जिद और शिवाले हो ।नीर प्रेम का भरा हो सब में,ऐसे सब के
.jpg)