Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

गुरूजी आओ

गुरूजी आओ कब आओगे, ले गुरु अवतार, पूछे संसार।। है हर पल, गुरु बिन उदास, तेरी है प्यास ? रूठता …


गुरूजी आओ

कब आओगे,

ले गुरु अवतार,

पूछे संसार।।

है हर पल,

गुरु बिन उदास,

तेरी है प्यास ?

रूठता नहीं,

बहारों में है यहीं,

रहते कहीं।।

तेरी याद है,

तेरी ओर है नैना,

बीतती रैना।।

संत विचारै,

वो आरती उतारे,

वाणी उचारै।।

गावै भजन,

करते सब यत्न,

यही जतन।।

गाती है साखी,

सब भक्तों ने गाई,

पार है पाई।।

आओ गुरुजी,

हमें पर्चा दिखाओ,

वाणी सुनाओ।।

करे काम सारै,

भवपार है उतारै,

दुष्ट संहारै।।

है पृथ्वीसिंह,

इंतजार में थारै,

नियम धारै।।

©

कवि पृथ्वीसिंह बैनीवाल बिश्नोई,

हॉउस नं. 313, सेक्टर 14 

(श्री ओ३म विष्णु निवास) हिसार

पिन-125001 (हरियाणा) भारत

9518139200, 9467694029


Related Posts

कविता अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2021-किशन सनमुखदास

December 20, 2021

कविताअंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2021 अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस सबने मिलकर दिव्यांगजन को उत्साह देखकर मनाए हैं राष्ट्रपति प्रधानमंत्री ने अपने संदेश

कविता- महिला राजनीति क्षमता निर्माण-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी

December 20, 2021

कविता महिला राजनीति क्षमता निर्माण राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजनीति में महिलाओं के लिए क्षमता निर्माण करनेशी इज ए किंग

मुबारक हो नया साल-अजय प्रसाद

December 19, 2021

मुबारक हो नया साल लो फ़िर से नया साल मुबारक हो ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो। बस चंद रोज की

माँ- R.S.meena Indian

December 19, 2021

कविता माँ मैं व्रत नहीं करता ,कहीं माँ जैसी सूरत नहीं । माँ बाप को भूल जाऊ,ऐसा कभी मुहूर्त नहीं

पता नही-अजय प्रसाद

December 18, 2021

“पता नहीं “ खुश हूँ मैं या खफ़ा पता नही दुआ हूँ के बददुआ पता नही । हलचल तो है

भान दक्षिणायन भए- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 18, 2021

भान दक्षिणायन भए…!!! भान दक्षिणायन भए, शिशिर सरकारी।पछुआ बयार मोहे ,तीर सम लाग्यो है ।। बिकल बौराई मैं,थर-थर बदन काँप्यो।ऐसे

Leave a Comment