Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Virendra bahadur

गणतंत्र दिवस पर लेख | Republic day spacial

 नियम और कानून का पालन ही है सही ढंग से गणतंत्र दिवस मनाना 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस। इस दिन …


 नियम और कानून का पालन ही है सही ढंग से गणतंत्र दिवस मनाना

गणतंत्र दिवस पर लेख | Republic day spacial
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस। इस दिन लोग अपने मोबाइल पर तिरंगे की प्रोफाइल पिक्चर लगाएंगे। सोशल मीडिया पर देश प्रेम का स्टेटस अपलोड करेंगे। अच्छी बात है। यह सब करना भी चाहिए। सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा बोलने में ही गौरव का अनुभव करना चाहिए। किसी भी तरह देश के प्रति प्रेम प्रदर्शित करना अच्छी बात है। यह सब करने के साथ कुछ पलों के लिए मोबाइल मुंह हटा कर यह भी सोच लेना चाहिए कि देश के प्रति हम अपनी जिम्मेदारी निष्ठापूर्वक अदा करते हैं या नहीं? हमारे देश के संविधान की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में होती है। इसका कारण यह है कि हमारे संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार, अभिव्यक्ति की आजादी सब से बड़ी उपलब्धि है। संविधान की ही मेहरबानी से हम अनेक अधिकारों का लाआ उठा रहे हैं। हम अपना फर्ज कितना अदा करते हैं? अधिकारों का लाभ उठाने का सही अधिकार उन्हें ही है, जो अपना फर्ज ईमानदारीपूर्वक निभाते हैं।
हम नियमों का पालन करते हैं, पर पुलिस के डर से। देश में जब कोरोना तेजी से फैल रहा था, तब सरकार गला फाड़-फाड़ कर कह रही थी कि मास्क पहनो, सेनेटाइजर का उपयोग करो, सोशल डिस्टेंस का पालन करो। वैक्सीन आने पर सरकार को बारबार निवेदन करना पड़ा था कि वैक्सीन लगवा लो। आखिर यह सब किस के लिए था? मेरे लिए, आप के लिए, हम सभी के लिए। हम सभी बहाना ढ़ूंढ़ते हैं। चौराहे पर पुलिस को खड़ा देखते हैं तो नाक पर मास्क चढ़ा लेते हैं, हेलमेट पहन लेते हैं। हालत खराब होती है तो सरकार को दोष देते हैं। सिस्टम में कमियां निकालते हैं।
हर चौराहे पर ट्राफिक सिग्नल है, फिर भी पुलिस खड़ी करनी पड़ती है। पुलिस को डंडा ले कर सड़क पर बीचोबीच खड़े होना पड़ता है, तब हम गाड़ी रोकते हैं। पुलिस लाइसेंस या गाड़ी के कागज मांगती है तो बहाना बनाते हैं, झूठ बोलते हैं। फंस जाने का डर लगता है तो पुलिस से बचने के लिए घूस देते हैं और फिर देश में करप्शन फैले होने की बात करते हैं। अमेरिका और ब्रिटेन में तो आधी रात को भी लाल बत्ती होती है और सड़क पर एक भी आदमी नहीं होता तब भी लोग गाड़ी या बाइक रोक देते हैं। हमें ऐसा करने से कौन रोकता है? जैसे बहुत बड़ा काम किया हो इस तरह कानून तोड़कर गर्व महसूस करते हैं। हमारी आत्मा जरा भी नहीं धिक्कारती। जरा भी नहीं लगता कि हम देश के साथ गलत कर रहे हैं। 
दुनिया में यह चर्चा सदियों से होती आ रही है कि कोई देश महान कैसे बनता है? अच्छे नेता देश को महान बनाते हैं या अच्छी जनता? नेता दूध के धुले हों तो भी लोग अच्छे न हों तो देश का भला नहीं होने वाला। नेता कमजोर हों तो भी लोगों को समाज पर नजर डालनी चाहिए। इसका कारण यह है कि नेता भी तो हम लोगों के बीच से ही आते हैं। नेता, राजनीति और सिस्टम का मजाक उड़ाना आसान है। हमारा देश विविधता में एकता का देश है। कितनी अधिक भाषाएं, कितनी संस्कृतियां, कितनी परंपराएं, कितने पहनावे और कितने अधिक पहनावे हमारे इस देश में हैं। वेराइटीज ही हमारे देश की सच्ची ब्यूटी है। देश को बदनाम करने वाले भले ही कैसी भी बातें करें, पर सब से बड़ा तो यह है कि अनेक चुनौतियों के बीच हमारे देश ने प्रगति की है। हमारे देश को सांप और मदारियों का देश कहने वालों की कमी नहीं है। देश आजाद हुआ तो यह भविष्यवाणियां की गई थीं कि भारत आजादी पचा नहीं पाएगा। भारत ने आजादी पचाई है, परिपक्व भी की है। आज दुनिया भारत को इग्नोर नहीं कर सकती।
भारत में अड़ कर खड़े होने की क्षमता थी और भारत ने अपनी ताकत साबित भी की है। भारत आज जहां पहुंचा है, उसका सच्चा यश देश के लोगों पर जाता है। भारत को अच्छे नेता भी मिले हैं। हमारे देश ने  गलतियां भी की हैं और उन गलतियों को सुधारा भी है। नियमों को बदला है। कोई संविधान हमेशा के लिए नहीं होता। समय के साथ संविधान में भी जरूरी बदलकर होते रहते हैं। पुराने और आउटलेट नियम स्केप हुए हैं। जो नहीं बदले और कभी नहीं बदलने वाले, संविधान में हम सभी को दिए गए मूल अधिकार हैं। यही अधिकार देश की पहचान हैं। इस पहचान को बनाए रखने की जिम्मेदारी अंत में देश के लोगों की है। आप देश के नियमों का पालन करते हैं तो आप महान हैं। अपना देश युवाओं का देश है। दुनिया के किसी भी देश की अपेक्षा हमारे यहां युवाओं की संख्या अधिक है। यही युवा देश को सुपर पावर बनाएंगे। युवाओं की टिप्पणी करने का एक फैशन चल पड़ा है। यंगमैन को मोबाइल से फुरसत नहीं मिलती, वेबसीरीज देखते रहते हैं, जैसा मन होता है, उसी तरह जीना है। ज्यादातर की सोच का पता नहीं चलता और ऐसी तरह-तरह की बातें होती रहती हैं। कुछ इस तरह के यंगस्टर्स भी होंगे। पर इसके साथ ऐसे भी युवाधन हैं, जिन में कुछ भी कर गुजरने की लालसा है। ये डिसिप्लिन को मानते हैं। युवाओं की कद्र करें और इन्हें अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा दें। हम अपनी नेक्स्ट जनरेशन को संभाल सकें तो यह छोटा-मोटा काम नहीं है। हर साल गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में परेड निकलती है, जिसे देख कर हमारा सीना गज भर का हो जाता है। गणतंत्र दिवस का बाकी मनाना तो सिम्बोलिक है। गणतंत्र दिवस का सही मनाना तो यह है कि हम सभी नियमों और कानून का पालन करें। नियम छोटा हो या बड़ा, आसान हो या मुश्किल, हर नियम और कानून का पालन करें। देश के प्रति हमारी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें हमें निभाना चाहिए। देश प्रेम किसी को दिखाने की चीज नहीं है, हमें ऐसा व्यवहार करना चाहिए, जिसमें देश प्रेम झलके। जो नियम-कानून का अपमान कर रहा हो, उसे रोकना चाहिए। देश प्रेम 15 अगस्त या 26 जनवरी या अन्य दो-चार दिन दिखाने की चीज नहीं है, ऐसा निर्णय लीजिए कि हम से देश के लिए जो होगा, वह कर दिखाएंगे। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

About author 

वीरेन्द्र बहादुर सिंह जेड-436ए सेक्टर-12, नोएडा-201301 (उ0प्र0) मो-8368681336

वीरेन्द्र बहादुर सिंह
जेड-436ए सेक्टर-12,
नोएडा-201301 (उ0प्र0)
मो-8368681336


Related Posts

Lekh man ki hariyali by sudhir Srivastava

July 31, 2021

 लेखमन की हरियाली, लाए खुशहाली     बहुत खूबसूरत विचार है ।हमारे का मन की हरियाली अर्थात प्रसन्नता, संतोष और

Lekh by kishan sanmukh das bhavnani

July 31, 2021

 सत्य वह दौलत है जिसे पहले खर्च करो, जिंदगी भर आनंद पाओ- झूठ वह कर्ज़ है, क्षणिक सुख पाओ जिंदगी

janmdin jeevanyatra by Maynuddin Kohri

July 25, 2021

जन्मदिन —- जीवनयात्रा  आजादी के बाद के काले बादल छट जाने के बाद देश मे अमन चैन,गणतन्त्र भारत की सुखद

Guru govind dono khade kako lagu paye by jayshri birmi

July 23, 2021

गुरु गोविंद दोनो खड़े काको लागू पाए अपने देश में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा कहा गया है।

Naari gulami ka ek prateek ghunghat pratha by arvind kalma

July 23, 2021

नारी गुलामी का एक प्रतीक घूंघट प्रथा भारत में मुगलों के जमाने से घूँघट प्रथा का प्रदर्शन ज्यादा बढ़ा क्योंकि

OTT OVER THE TOP Entertainment ka naya platform

July 23, 2021

 ओटीटी (ओवर-द-टॉप):- एंटरटेनमेंट का नया प्लेटफॉर्म ओवर-द-टॉप (ओटीटी) मीडिया सेवा ऑनलाइन सामग्री प्रदाता है जो स्ट्रीमिंग मीडिया को एक स्टैंडअलोन

Leave a Comment