Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

खेल हमारे जीवन की आवश्यकता है|sports day special

खेल हमारे जीवन की आवश्यकता है प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न अवस्थाओं से गुजरे खेलों का आज भी …


खेल हमारे जीवन की आवश्यकता है

खेल हमारे जीवन की आवश्यकता है|sports day special
प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न अवस्थाओं से गुजरे खेलों का आज भी हमारे जीवन में महत्व है

मनुष्य जीवन शैली को स्वस्थ्य और शारीरिक तंदुरुस्ती बनाए रखने में खेलों का महत्वपूर्ण योगदान – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर खेलों का ट्रेंड बहुत तेजी के साथ बढ़ रहा है, यह न केवल किसी देश की प्रतिष्ठा का सवाल है बल्कि मनुष्य जीवन के स्वास्थ्य और शारीरिक तंदुरुस्ती को भी फिट बनाए रखता है, तथा इनसे मनुष्य का चारित्रिक और आध्यात्मिक विकास भी होता है। खेलकर से पुष्ट और स्फूर्तिमय शरीर ही मन को स्वस्थ बनाता है। खेलकूद मानव मन को प्रसन्न और उत्साहित बनाए रखते हैं। खेलों से नियम पालन के स्वभाव का विकास होता है और मन एकाग्र होता है।जिसको रेखांकित किया जाना आवश्यक है। प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न अवस्थाओं से गुजरे खेलो का हमारे दैनिक जीवन को स्वस्थ्य रखने में अमूल्य योगदान देता है जो नकारा नहीं जा सकता। चूंकि 29 अगस्त 2022 को राष्ट्रीय खेल दिवस है इसलिए आज हम खेलों और उसमें मानुषी जीवों के स्वास्थ्य, देश की प्रतिष्ठा पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव पर चर्चा करेंगे।
साथियों बात अगर हम भारत में खेल दिवस की करें तो भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है जो आज मेजर ध्यानचंद के नाम से भी जाना जाता है,इसीलिए राष्ट्रीय खेल दिवस मेजर ध्यानचंद की विरासत का सम्मान करने और हमारे जीवन में खेल के महत्व को स्वीकार करने, हमारे जीवन में शारीरिक गतिविधियों और खेलों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम, कार्यशालाएं, राष्ट्रीय सेमिनार आदि सरकार द्वारा विकसित किए जाते हैं। भारत का पहला राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त 2012 से मनाना प्रारंभ हुआ था। ध्यानचंद को फादर ऑफ स्पोर्ट्स के रूप में भी जाना जाता है।
साथियों बात अगर हम खेलों के महत्व की करें तो कुछ समय पहले हमने देखा कि किस तरह ओलंपिक खेलों में भारत ने परचम लहराया, फिर एशियन गेम्स, क्रिकेट और अभी दूसरे महत्वपूर्ण खेलों में खिलाड़ियों ने भारत की प्रतिष्ठा में चार चांद लगा दिए।सबसे बड़ी बात हमारे माननीय राष्ट्रपति, पीएम और अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने जिस तरह खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की और पीएम ने सभी खिलाड़ियों को अपने निवास स्थान पर बुलाया, व्यक्तिगत फोन से बात की, जीतने वालों को बधाई और असफल होने वालों की हौसला अफजाई की जिसे रेखांकित किया जा सकता है और अभी से ही अगले ओलंपिक खेलों की तैयारियां शुरू हो गई है।
साथियों बात अगर हम खेल दिवस मनाने की करें तो यह हर वर्ष 12 अगस्त को मनाया जाता है, इस दिन सभी शिक्षण संस्थानों और खेल संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। लगभग सभी तरह की खेल स्पर्धाएं करवाई जाती हैं। जीतने वालों को इनाम दिया जाता है, साथ ही जिन खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया होता है या पिछले एक साल में खेल जीते होते हैं, उनको भी सम्मानित किया जाता है। राष्ट्रीय स्तरपर राष्ट्रपति भवन में खेल क्षेत्र की प्रतिभाओं को स्मानित किया जाता है। राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार जैसे कई पुरस्कार खेल में खेल नायकों के योगदान का सम्मान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2022 के लिए इन खेल पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित करने वाली अधिसूचना अधिकृत वेबसाइट पर अपलोड की गई है,पात्र खिलाड़ियों को 20 सितंबर 2022 तक अपने आवेदन अपलोड करने होंगे। खेल प्राचीन काल से आधुनिक काल तक परिवर्तन की विभिन्न अवस्थाओं से गुजरे हैं। कबड्डी, शतरंज, खो-खो, कुश्ती, गिल्ली-डंडा, तीरंदाजी, गदा आदि परंपरागत खेलों के अलावा भारत विभिन्न देशों के संपर्क में आने से क्रिकेट, जूडो, टेनिस, बैडमिंटन आदि खेलों का भी खूब प्रचलन हुआ है।
साथियों बात अगर हम मेजर ध्यानचंद की करें तो हाल ही में पीएम नें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने की घोषणा की है। खेल के क्षेत्र में अपनी जिंदगी और जी जान लगा देने वाले खिलाड़ियों को ध्यान चंद अवार्ड दिया जाता है। इस अवार्ड को सबसे ऊपर माना जाता है। हर साल ये अवार्ड उन शख्सियतों को दिया जाता है जिन्होंने ना केवल खेल का बेहतरीन प्रदर्शन किया बल्कि रिटायर्मेंट के बाद खेल को बढ़ावा देने के लिये भी कार्य किये।साथियों मेजर ध्यान चंद जब हॉकी खेलते थे तो दूसरी टीम का खिलाड़ी गेंद को छीन ही नहीं पाता था। ऐसा लगता था मानो उनकी हॉकी में कोई जादू है। एक बार खेल के दौरान उनकी हॉकी को तोड़ कर चैक किया गया कि कहीं उसमें चुंबक तो नहीं है। मेजर ध्यान चंद के सम्मान में भारतीय डाक ने 1979 में एक डाक टिकट भी जारी की है। वहीं 2002 में दिल्ली के नेशनल स्टेडियम का नाम भी बदल कर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम कर दिया गया।
मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में हुआ था और वह अपने समय के महान हॉकी खिलाड़ी थे। उन्हें हॉकी खिलाड़ी के स्टार या हॉकी का जादूगर के रूप में जाना जाता था, क्योंकि उनकी अवधि के दौरान, उनकी टीम ने वर्ष 1928, 1932 और 1936 के दौरान ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। उन्होंने 1926 से 1949 तक 23 वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय स्तरपर हॉकी खेली। उन्होंने अपने करियर में कुल 185 मैच खेले और 570 गोल किए। वह हॉकी के बारे में इतना समर्पित थे कि वह चांदनी रात में खेल के लिए अभ्यास किया करते थे, जिससे उसका नाम ध्यानचंद पड़ गया।1956 में, ध्यानचंद को पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वह यह सम्मान पाने वाले तीसरे नागरिक थे।
साथियों बात अगर हम राष्ट्रीय खेल दिवस के इतिहास की करें तो,1979 में, भारतीय डाक विभाग ने मेजर ध्यानचंद को उनकी मृत्यु के बाद श्रद्धांजलि दी और दिल्ली के राष्ट्रीय स्टेडियम का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, दिल्ली कर दिया।2012 में, यह घोषणा की गई थी कि खेल की भावना के बारे में जागरूकता फैलाने और विभिन्न खेलों के संदेश का प्रचार करने के उद्देश्य से एक दिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए और इसके लिए फिर से मेजर ध्यानचंद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी गई और 29 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई। ध्यानचंद, जो पूरी तरह से अपने खेल के लिए समर्पित थे, अपने हॉकी करियर की शुरुआत ब्रिटिश भारतीय सेना की रेजिमेंटल टीम से की थी। ओलंपिक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वह दिन में अपने रेजिमेंटल कर्तव्यों को पूरा करने के बाद, रात को चांद की रोशनी में हॉकी का अभ्यास करते थे।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त 2022 पर यह विशेष है। खेल हमारे जीवन की आवश्यकता है। प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न अवस्थाओं से गुजरे खेलों का आज भी हमारे जीवन में महत्व है। मनुष्य जीवन शैली को स्वस्थ्य और शारीरिक तंदुरुस्ती बनाए रखने में खेलों का महत्वपूर्ण योगदान है।

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

भारत अमेरिका मैत्री – दुनियां के लिए एक अहम संदेश | India America Friendship – An Important Message to the World

June 6, 2023

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच स्थाई मित्रता का जश्न मनाएं भारत अमेरिका मैत्री – दुनियां के लिए एक

भयानक ट्रेन हादसे का जिम्मेदार कौन ?Who is responsible for the terrible train accident?

June 5, 2023

भयानक ट्रेन हादसे का जिम्मेदार कौन ? परिजनों को रोते बिख़लते देख असहनीय वेदना का अनुभव सारे देश ने किया

पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है | save the environment and make the earth a heaven

June 4, 2023

भावनानी के भाव पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है सभी नागरिकों ने मिलकर सहभागिता देना है प्लास्टिक

44 वें विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2023 पर विशेष Special on 44th World Environment Day 5th June 2023

June 4, 2023

44 वें विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2023 पर विशेष आओ पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाएं –

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए राजद्रोह|Indian Penal Code Section 124A Sedition

June 4, 2023

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए राजद्रोह 22 वें विधि आयोग ने राजद्रोह पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी

डॉ. माध्वी बोरसे ने बेहतरीन शिक्षण तकनीकों के माध्यम से छात्रों के जीवन को आसान बना दिया।

June 4, 2023

डॉ. माध्वी बोरसे सिंह इंसा ने सबसे बेहतरीन शिक्षण तकनीकों के माध्यम से छात्रों के जीवन को आसान बना दिया।

PreviousNext

Leave a Comment