Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

खाने में जहर?- जयश्री बिरमी

 खाने में जहर? अपने आहार में सब्जियों की एक खास जगह हैं जो स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक भी हैं।आमतौर …


 खाने में जहर?

खाने में जहर?- जयश्री बिरमीअपने आहार में सब्जियों की एक खास जगह हैं जो स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक भी हैं।आमतौर पे सब्जियां हम पकाकर या कच्ची यानी कि सलाद आदि खाते हैं।उसमे से ज्यादातर विटामिन और मिनरल्स उपलब्ध होते हैं जो शरीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक हैं।किंतु उनकी उपज ज्यादा करने या लंबे समय के लिए ताजा रखने के लिए जो रासायनिक पदार्थों का उपयोग होता हैं वह फलों से होते फायदों से ज्यादा हानिकारक होते हैं।ये पदार्थ हैं ऑक्सीटोसिन,जिसे इन सब्जियों को आकर्षक और लंबे समय के लिए ताजा रखने के लिए उपयोग में लिया जाता हैं जबकि आहार और पोषण के न

निष्णांत की सलाह हैं कि कच्ची सब्जियां सेहत के लिए अच्छी होती हैं क्योंकि पकने से उसमें से जल द्रव्य विटामिंस का क्षय हो जाता हैं।लेकिन ये रासायनिक तत्वों से भरपूर सब्जियां हमारी रोगपरिराक्षक ताकत कम कर देती हैं।नपुसंक भी बनाती हैं और रोड की हड्डियों को भी हानि पहुंचती हैं।ये ग्राहकों से पैसे ले कर बीमारी देने जैसी परिस्थिति बन जाती हैं।वैसे देखें तो हम आंखे बंद करके ऐसे विनाशक रसायनिक द्रव्यों का उपयोग मजबूरी में ही सही किंतु कर तो रहें हैं।इन द्रव्यों से कभी भी ठीक नहीं होने वाली बीमारियां भी हो सकती हैं।ज्यादातर इन रसायनों का उपयोग तरबूज,कान्शीफल,,बैंगन, लौकी,ककड़ी जैसे सब्जियों में होता हैं।वैसे मिलावट तो हमारे देश की पहचान बन गई हैं।अप्राकृतिक दूध,तेल में अखाद्य पदार्थों के तेल की मिलावट,जीरे को सीमेंट के कनों से बनाने का कारखाना कुछ महीनों पहले दिल्ली में पकड़ा गया था।पनीर तो पूरा ही रसायनिक सफेद पदार्थ से बनता पकड़ा गया था।

ऐसे ही और कई चीजें हैं जो हानिकारक पदार्थों से बनाई जाती हैं जैसे रसोई में उपयोग लिए जाने वाले मसालें, हल्दी,मिर्च पाउडर,धनिया पाउडर  आदि।

इन सब को संज्ञान में ले प्रशासन को सख्त नियम बना कर उनका सख्ती से पालन करवाना आवश्यक बनता हैं।ऐसी चीजे हमारे बच्चे जो देश का भविष्य हैं, वे भी खाते हैं,तो उनके भविष्य को संवारना हमारी नैतिक जिम्मेवारी हैं, ये भूलना नहीं चाहिए।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

maa ko chhod dhaye kyo lekh by jayshree birmi

September 13, 2021

 मां को छोड़ धाय क्यों? मातृ भाषा में व्यक्ति अभिव्यक्ति खुल के कर सकता हैं।जिस भाषा सुन बोलना सीखा वही

Hindi maathe ki bindi lekh by Satya Prakash

September 13, 2021

हिंदी माथे की बिंदी कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, साक्षर से लेकर निरीक्षर तक भारत का प्रत्येक व्यक्ति हिंदी को

Jeevan aur samay chalte rahenge aalekh by Sudhir Srivastava

September 12, 2021

 आलेख        जीवन और समय चलते रहेंगें              कहते हैं समय और जीवन

Badalta parivesh, paryavaran aur uska mahatav

September 9, 2021

बदलता परिवेश पर्यावरण एवं उसका महत्व हमारा परिवेश बढ़ती जनसंख्या और हो रहे विकास के कारण हमारे आसपास के परिवेश

Jungle, vastavikta he jiski khoobsurati hai

September 9, 2021

 Jungle, vastavikta he jiski khoobsurati hai जंगल स्वतंत्रता का एक अद्वितीय उदाहरण है, जहां कोई नियम नहीं , जिसकी पहली

covid 19 ek vaishvik mahamaari

September 9, 2021

 Covid 19 एक वैश्विक महामारी  आज हम एक ऐसी वैश्विक आपदा की बात कर रहे है जिसने पूरे विश्व में

Leave a Comment