Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Nandini_laheja, poem

क्रोध पर कविता | krodh par kavita

मेरी बात मेरे जज़्बात क्रोध पंच विकारों में एक क्रोध से,मानव दानव बन जाता है।सुधबुध, विवेक सब खो देता,पाप कई …


मेरी बात मेरे जज़्बात

क्रोध

क्रोध पर कविता | krodh par kavita

पंच विकारों में एक क्रोध से,
मानव दानव बन जाता है।
सुधबुध, विवेक सब खो देता,
पाप कई कर जाता हैं।
क्रोध जगाता भावना बदले की,
ज्वाला तन मन में भबकाता हैं।
स्वयं भी जलता मानव उसमे,
औरो को भी जलाता हैं।
क्रोध से बढ़ता अहम मानव में,
भले बुरे का भेद भुलाता है।
आवेश में आकर फिर वह ,
पाप कर्म करवाता हैं।
मुख से निकले बोल कटीले,
दूजे के ह्रदय को घायल कर जाता हैं।
घाव लगते हैं, रिश्तों पर ऐसे,
किसी मरहम से न वो भर पाता हैं।

About author

नंदिनी लहेजा | Nandini laheja

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित

Related Posts

नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है

March 4, 2023

भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने

धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं

March 4, 2023

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं आज के बढ़ते ट्रेंड की ओर बढ़ रहा

हे परमपिता परमेश्वर

March 4, 2023

भावनानी के भाव हे परमपिता परमेश्वर आपके द्वारा दिए इस जीवन में इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है हर

हे परवरदिगार मेरे मालिक

March 4, 2023

 भावनानी के भाव हे परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं  उसने कहा बक्ष दूंगा  मैंने कहा परेशान हूं

कविता: भारतीय संस्कृति में नारी | bharatiya sanskriti me naari

February 16, 2023

 भावनानी के भाव कविता:भारतीय संस्कृति में नारी  भारतीय संस्कृति में नारी  लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती है समय आने

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है

February 16, 2023

 भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे

PreviousNext

Leave a Comment