Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

क्रिसमस-डॉ. माध्वी बोरसे!

क्रिसमस! क्रिसमस है  एक प्रसिद्ध त्योहार, सैंटा क्लॉस जी का हर बच्चा करता है इंतजार, 25 दिसंबर को मनाया जाता …


क्रिसमस!

क्रिसमस-डॉ. माध्वी बोरसे!
क्रिसमस है  एक प्रसिद्ध त्योहार,
सैंटा क्लॉस जी का हर बच्चा करता है इंतजार,
25 दिसंबर को मनाया जाता है,
हर व्यक्ति अपने घर को, क्रिसमस ट्री से सजाता है!
इस दिन हुआ जीसस क्राइस्ट का जन्म,
बनाते हैं सब अपने घर पर स्वादिष्ट व्यंजन,
करते हैं सब अपने करीबियों को आमंत्रित,
विभिन्न कार्यक्रमों का करते हैं आयोजित!
इस दिन गिरिजाघर में होती है विशेष प्रार्थना,
सच्चे दिल से मांगी गई, पूरी होती है तमन्ना,
केक खिलाकर, एक दूसरे को देते हैं बधाइयां,
कोई व्यक्ति, सांता क्लॉस बनकर, देता है बच्चों को तोहफे और टॉफिया!
चलो हम सब भी मिलकर मनाते हैं क्रिसमस,
यह तो है एक महत्वपूर्ण दिवस,
बहुत से मासूम बच्चों की, इच्छा है अधूरी,
चलो हम भी सैंटा क्लॉस बनकर, करते हैं, कुछ जरूरतमंद बच्चों की, इच्छा को पूरी!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

कैसे कोई गीत सुनाये-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

कैसे कोई गीत सुनाये कितने साथी छूट गएसब रिश्ते नाते टूट गएपल-पल मरती आशाएंजब अपने ही लगें परायेकैसे कोई गीत

प्रणय जीवन- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

प्रणय जीवन प्रेम जीवन में प्रवाहित,प्रेम से जीवन जुड़ा है,प्रेम का परिणाम हम हैं,प्रेम को जीवन समर्पित ।। जिंदगी पर्याय

जीने का अनुराग नहीं – डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

जीने का अनुराग नहीं प्यासी है नदियां प्यासा है सावन,बर्षा की बेला प्यासा है चातक ,प्यासी है धरती प्यासा है

राधा की पीड़ा- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 6, 2022

राधा की पीड़ा चल केशव बरसाना जाना,रूठ गयी जहां राधा रानी ,वृंदावन को भूल गयी है ,अपनों से भी रूठ

देर लगेगी- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 6, 2022

देर लगेगी बदल गया जमाना है…. जरा देर लगेगीन कोई ठौर ठिकाना है…..जरा देर लगेगीतुम होते जो कुत्ते! तो लेते

बताओ न कैसे रहते हो ?–सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 6, 2022

सड़क किनारे रहने वाले ग़रीब बेघरों को समर्पित रचना-बताओ न कैसे रहते हो मौसम ठंडा सूरज मद्धमऊपर से बदन पर

Leave a Comment