Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी ?

क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी ? पांच राज्यों के मंत्रिमंडल गठन में …


क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी ?

क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी ?
पांच राज्यों के मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ 2024 के चुनाव का गणित साझा करने की कवायद ?

सरकार बनाने की माथापच्ची में लगे आलाकमान को महिलाओं, जातिगत, क्षेत्रवाद पर बैलेंस के साथ कुशल सुशासन, आगामी लोकसभा चुनावों को रेखांकित करना समय की मांग- एड किशन भावनानी

गोंदिया – विश्व के सबसे बड़े और मज़बूत लोकतंत्र में हाल ही में 10 मार्च 2022 को घोषित चुनाव परिणामों में जहां मतदाताओं की ताकत, वैचारिक शक्ति, संकल्प, विश्वास और आस्था देखने को मिली वहीं हितकारी, लाभकारी योज़नाओं, जनता से जुड़े मुद्दों, विकास के प्रति समर्पण भावना इत्यादि सहित कई वजहों से नतीजों में पहली बार हतप्रभ होने की स्थिति युवाओं में देखने को मिली क्योंकि इन चुनावों में नामी चेहरे, वर्तमान मुख्यमंत्री, घोषित भावी मुख्यमंत्री सहित अनेक ऐसे उम्मीदवारों को हार के रूप में असफलता देखने को मिली जिसका अंदाजा शायद सभी को नहीं होगा परंतु यह तो जनता जनार्दन का कमाल है 1974 में रिलीज हुई रोटी फिल्म का गाना सब जानते होंगे कि, वह चाहे तो स्तर पर बिठा दे चाहे फेंक दे नीचे पहले यह पीछे भागे फिर भागो इसके पीछे, दिल टूटे जो यह रुठे तो यह तो पब्लिक है सब जानती है यह तो पब्लिक है!!!

साथियों बात अगर हम पांच राज्यों में विजेता राजनीतिक पार्टियों की करें तो चार में एक राजनीतिक पार्टी ने सत्ता वापसी की और एक ने बड़े हतप्रभ अंतर 117 में से 92 सीटों पर चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है!! अब पांचों राज्यों में सरकार बनाने की माथापच्ची चल रही है जिसमें मेरा मानना है कि आलाकमान को नया मंत्रिमंडल गठन में मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप बिठानें की संभावना को तलाशना होगा क्योंकि अगला सांसद चुनाव 2024 में करीब 2 वर्ष का समय बचा है जिसकी तैयारियों की झलक के रूप में मंत्रिमंडल गठन में दी जा सकती है क्योंकि हर सरकार को महिलाओं, जातिगत, क्षेत्रवाद पर बैलेंस के साथके अलावा कुशल प्रशासन भी देना है ताकि आनेवाले लोकसभा चुनाव 2024 में विकास और सभी पक्षों का बैलेंस बिठाया जा सके जो एक चुनौतीपूर्ण कार्य है परंतु विश्व प्रसिद्ध भारतीय बौद्धिक क्षमता इस चुनौती को कुशलता से पार करेगी ऐसा मेरा हमें विश्वास है!!!

साथियों बात अगर हम पांच में से दो राज्यों की करें तो एक राज्य में 19 मार्च 2022 को सरकार गठित होकर दोपहर में मंत्रिमंडल की बैठक हुई तथा वहां के सीएम ने तो पहले ही भ्रष्टाचार पर नकेल कसने, रंगला प्रदेश बनाने सहित अनेक बातें कहीं सरकार के 10 मंत्रियों ने शपथ ली उम्मीद है सुशासन के साथ ही 2024 के में इस मंत्रिमंडल के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे दूसरा भारत के सबसे बड़े राज्य में 25 मार्च को इकाना स्टेडियम में शपथ लेने की जानकारी मीडिया में आई है इस राज्य में सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था तो स्वभाविक है उनका भी ध्यान रखना होगा जिसके लिए मीडिया के अनुसार, सहयोगी दलों के साथ पार्टी अध्यक्ष बैठक कर चुके हैं।
पहले उनकी मुलाकात एक दल से हुई, इस चुनाव में 17 सीटों पर लड़ कर दूसरे दल के 12 विधायक चुने गए हैं। पिछली सरकार में दूसरे दल के कोटे से एक को मंत्री बनाया गया था। इस बार पार्टी एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री की मांग कर रही है दूसरे सहयोगी दल भी इसी मूड में है. पार्टी के कुछ लोग सत्ताधारी पार्टी के सिंबल पर लड़े तो कुछ अपने चुनाव निशान पर। पांच विधायक सत्ताधारी पार्टी के सिंबल पर तो छह निषाद पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीते हैं।
साथियों बात अगर हम पार्टियों द्वारा जारी घोषणापत्र सुशासन, बैलेंसड दूरगामी सोच की करें तो सरकार का गठन करने पर हर मुद्दों को गहराई से देखकर रेखांकित करना होगा क्योंकि थोड़ी सी भी चूक वोटों का भारी नुकसान परीलिक्षित कर सकता है याने जनता के उम्मीदों पर खरा उतरना होगा, घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करना होगा, सुशासन की लहर लानी होगी, सहयोगी दलों को सम्मानजनक स्थिति देनी होगी, बैलेंसड जातिगत गणित, महिलाओं को उचित स्थान, क्योंकि इन चुनावों में एक बात देखने को मिली कि उम्मीदवारों की जीत दर्ज करवाने में महिलाओं का निर्णायक मत रहा, सहित अनेक मुद्दों पर गंभीर व बारीकी से नीति निर्धारकों द्वारा किए गए अध्ययन के आधार पर निर्णय को अंजाम देना होगा जिसमें सभी मुद्दों में तालमेल के साथ जनता का हित सर्वोपरि हो!!! और साथ ही आने वाले 2024 के चुनावों में इसके दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ने का हित कायम हो।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी होगा ? पांच राज्यों में मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ 2024 के चुनाव का गणित साझा करने की कवायद होगी ? सरकार बनाने की माथापच्ची में लगे आलाकमान को महिलाओं, जातिगत, क्षेत्रवाद पर बैलेंस के साथ कुशल सुशासन आगामी लोकसभा चुनावों को रेखांकित करना समय की मांग है।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Awaz uthana kitna jaruri hai?

Awaz uthana kitna jaruri hai?

December 20, 2020

Awaz uthana kitna jaruri hai?(आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ?) आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ये बस वही समझ सकता

azadi aur hm-lekh

November 30, 2020

azadi aur hm-lekh आज मौजूदा देश की हालात देखते हुए यह लिखना पड़ रहा है की ग्राम प्रधान से लेकर

Previous

Leave a Comment