Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

कोरोना पीक़ – ईसीआई की बंदिशें बिल्कुल ठीक

 कोरोना पीक़ – ईसीआई की बंदिशें बिल्कुल ठीक  आदर्श आचार संहिता, कोविड के समग्र दिशानिर्देशों के पालन में सभी राजनीतिक …


 कोरोना पीक़ – ईसीआई की बंदिशें बिल्कुल ठीक 

आदर्श आचार संहिता, कोविड के समग्र दिशानिर्देशों के पालन में सभी राजनीतिक पार्टियों का सहयोग ज़रूरी 

पांच चुनावी राज्यों में जो उम्मीदवार कोविड के समग्र दिशानिर्देशों का पालन करें, मतदाता उसपर ज़रूर विचार करें – एड किशन भावनानी 

गोंदिया – वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी और उसके आेमिक्रान वेरिएंट जिस तरह पीक स्तरपर तांडव मचा रहे हैं ख़ास करके अमेरिका और ब्रिटेन के जो आंकड़े भयावह स्थिति पैदा कर रहे हैं उसका संज्ञान वैश्विक स्तरपर लिया जा रहा है और हर देश अपनेअपने स्तर पर रणनीतिक रोडमैप बनाकर क्रियान्वयन कर रहे हैं। 

साथियों बात अगर हम भारत की करें तो स्वास्थ्य व कल्याण मंत्रालय की दिनांक 15 जनवरी 2022 की सुबह जानकारी के अनुसार, देश में अब तक कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के 6,041 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कल के मुकाबले 5.01 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश में 268,833 नए मामले सामने आए हैं, 402 लोगों की जान गई है जबकि 122,684 लोग इस बीमारी से ठीक हुए है। वहीं यदि दैनिक पोसिटिविटी रेट की बात की जाए तो वो बढ़कर 16.66 प्रतिशत पर पहुंच गई है। अब तक देश में 70.07 करोड़ कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। 

साथियों बात अगर हम रोज़ बढ़ते हुए मामलों से गंभीर स्थिति आने के सूचक की करें तो, उसे ध्यान में रखते हुए हर राज्य, हर नागरिक द्वारा अनिवार्य रूप से कोविड उपयुक्त व्यवहारका पालन करना अत्यंत ज़रूरी है।खासकर के 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए वहां के नागरिकों को चुनावी सभाओं, रैलियों, जुलूस, भीड़ भाड़ से बचने का स्वतःसंज्ञान लेना होगा।क्योंकि अब समय आ चुका है कि हम अपनी सुरक्षा खुद करें और दूसरों को भी सुरक्षित करें!!! 

साथियों बात अगर आम कोरोना पीक-बंदिशें बिल्कुल ठीक की करें तो दिनांक 15 जनवरी 2022 को देरशाम चुनाव आयोग द्वारा 15 जनवरी तक लगाई गई दिशानिर्देशों की तारीखों में विस्तार कर अब 22 जनवरी 2022 तक कर दिया है जो बिल्कुल ठीक, उचित और सही कदम है। बस!!! अब इसका क्रियान्वयन सभी दलों,नागरिको नेताओं, कार्यकर्ताओं सबको मिलकर जनभागीदारी, ज़वाबदारी के साथ करना है। 

साथियों बात अगर हम निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों की करें तो, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव आयुक्तों के अलावा महासचिव और संबंधित उप चुनाव आयुक्तों के साथ चुनाव वाले पांच राज्यों में कोविड महामारी की मौजूदा स्थिति और अनुमानित रुझान की व्यापक समीक्षा की। इस अवसर पर फ्रंटलाइन कर्मचारियों एवं मतदान कर्मचारियों के बीच पात्र लोगों के लिए पहली, दूसरी और बूस्टर डोज के लिए टीकाकरण तेजी से पूरा करने के लिए टीकाकरण की स्थिति और कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। 

भारतीय निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय; गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों व स्वास्थ्य सचिवों के साथ-साथ चुनाव वाले इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ अलग-अलग वर्चुअल बैठकें कीं।आयोग ने एसडीएमए प्रतिबंधों और महामारी के दौरान जनसभाओं के मानदंडों को विनियमित करने वाले राज्य केंद्रित मौजूदा विनिर्देशों पर भी विचार विमर्श किया।

अब, वर्तमान स्थिति, तथ्यों और परिस्थितियों के साथ ही इन बैठकों पर मिली जानकारियों पर विचार करने के बाद, आयोग ने निम्नलिखित निर्देश दिए हैं- (1) 22 जनवरी, 2022 तक किसी रोड शो, पद यात्रा, साइकिल/बाइक/वाहन रैली और जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। आयोग उसके बाद स्थिति की समीक्षा करेगा और इस क्रम में आगे दिशानिर्देश जारी करेगा। (2) राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों (संभावित सहित) या चुनाव से जुड़े किसी अन्य समूह की किसी रैली (फिजिकल रैली) के लिए 22 जनवरी, 2022 तक अनुमति नहीं होगी। (3) हालांकि, आयोग ने 300 लोगों या भवन की 50 प्रतिशत क्षमता या एसडीएमए द्वारा सुझाई गई सीमा के तहत इंडोर बैठकों के लिए राजनीतिक दलों को छूट दे दी गई है। (4) राजनीतिक दलों को चुनाव से जुड़ी गतिविधियों के दौरान सभी अवसरों पर कोविड व्यवहार और दिशानिर्देश तथा आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। (5) 8 जनवरी, 2022 को जारी चुनाव संचालनके लिए संशोधित बोर्ड र्दिशानिर्देश, 2022 में शामिल सभी बंदिशें लागू रहेंगी।सभी संबंधित राज्य/ जिला प्राधिकरणों को इन निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। 

साथियों बात अगर हम चुनाव आदर्श आचार संहिता की करें तो, आदर्श आचार संहिता राजनैतिक दलों और अभ्‍यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए निर्धारित किए गए मानकों का एक ऐसा समूह है जिसे राजनैतिक दलों की सहमति से तैयार किया गया है और उन्‍होंने उक्‍त संहिता में सन्निहित सिद्धांतों का पालन करने और साथ ही उनकों मानने और उसका अक्षरश: अनुपालन करने के लिए सभी ने सहमति दी है।

भारत निर्वाचन आयोग, भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 324 के अधीन संसद और राज्‍य विधान मंडलों के लिए स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचनों के आयोजन हेतु अपने सांविधिक कर्तव्‍यों के निर्वहन में केन्‍द्र तथा राज्‍यों में सत्तारूढ़ दल (दलों) और निर्वाचन लड़ने वाले अभ्‍यर्थियों द्वारा इसका अनुपालन सुनिश्चित करता है। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि निर्वाचन के प्रयोजनार्थ अधिकारी तंत्र का दुरूपयोग न हो। इसके अतिरिक्‍त यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि निर्वाचन अपराध, कदाचार और भ्रष्‍ट आचरण यथा प्रतिरूपण, रिश्‍वतखोरी और मतदाताओं को प्रलोभन, मतदाताओं को धमकाना और भयभीत करना जैसी गतिविधियों को हर प्रकार से रोका जा सके। उल्‍लंघन के मामले मे उचित उपाय किए जाते हैं। 

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि कोरोना पीक- ईसीआई की बंदिशें बिल्कुल ठीक तथा आदर्श आचार संहिता, कोविड के समग्र दिशानिर्देशों के पालन में सभी राजनीतिक पार्टियों का सहयोग अत्यंत ज़रूरी है एवं पांच चुनावी राज्यों में जो उम्मीदवार कोविड के संबंध समग्र दिशानिर्देशों का पालन करें मतदाता उस पर ज़रूर विचार करें। 

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

देश का बुरा सोचने वालों का देश की प्रगति में कितना योगदान?

July 29, 2022

 (देश का बुरा सोचने वालों का देश की प्रगति में कितना योगदान?) बयानबाज़ी करने में हर इंसान माहिर है, आज

सुख दुख तो अतिथि हैं, |sukh dukh to atithi hai

July 28, 2022

 सुख दुख तो अतिथि हैं,  अनन्तानीह दुःखानि सुखं तृणलवोपमम्  नातः सुखेषु बध्नीयात् दृष्टिं दुःखानुबन्धिषु ॥ सुख दुख तो अतिथि हैं,

आम इंसान की परेशानियां| Problems of common man

July 27, 2022

 “आम इंसान की परेशानियां” आज आम इंसान के हालातों पर रोटी कपड़ा और मकान फ़िल्म के गानें की चंद पंक्तियाँ

प्रथम नारी जासूस को नमन/pratham naari jasoos ko naman

July 26, 2022

 प्रथम नारी जासूस को नमन/pratham naari jasoos ko naman       २६ जुलाई को जिनकी पुण्य तिथि है ,उन

लैंगिक असमानता आख़िर कब तक|gender inequality

July 25, 2022

“लैंगिक असमानता आख़िर कब तक” “महिलाएं भूमि अधिग्रहण कानून को समझो और अपने हक और अधिकार के लिए आगे आओ”

पढ़ाई के लिए हाॅस्टल सही या घर/ padhai ke liye hostal sahi ya ghar

July 24, 2022

 “पढ़ाई के लिए हाॅस्टल सही या घर”/padhai ke liye hostal sahi ya ghar प्राचीन काल में बच्चों को गुरूकुलों में

Leave a Comment