Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं

व्यंग्य-कविता कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं जो ज्ञान के खोते होते हैं ऑफिस में सोते …


व्यंग्य-कविता

कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं

कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं
जो ज्ञान के खोते होते हैं
ऑफिस में सोते हैं
अज्ञान में खुद को दुबेते हैं

कुछ रेड पथक में शामिल होते हैं
जानकारी के अज्ञात मालूम होते हैं
कानून की जानकारी में अज्ञात होते हैं
तोते की तरह प्रक्रिया करते हैं

कुछ दस्ते मनीराम के चहेते होते हैं
उसके बल पर कुछ को छोड़ते पकड़ते हैं
प्रक्रिया में अज्ञात होते हैं
ऐसे अफ़सरों के घर नोटों के पहाड़ होते हैं

कुछ अफ़सर स्काट का अतिरिक्त प्रभार
मिलने पर धन बटोरने में लगे होते हैं
अपने मूल विभाग का ध्यान खोते हैं
मलाई पर लक्ष्य भेदकर बहुत खुश होते हैं

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

पति – पत्नी का रिश्ता

October 23, 2021

 पति – पत्नी का रिश्ता दुनिया में बहुत से लोग पति – पत्नी के रूप में  साथ साथ रहे एक

नकाब ओढ़े चेहरे

October 23, 2021

 नकाब ओढ़े चेहरे चुंकि फायदेमंद रहती हैं हिंसक व अराजक परिस्थितियां चुनावों में वोटों के ध्रुवीकरण के लिए, इसलिए ज्यादातर

हृदय के चाँद

October 23, 2021

 हृदय के चाँद                                  

Pahle se bhi jyada by Jitendra Kabir

October 23, 2021

 पहले से भी ज्यादा भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा देकर सरकार बनाने वाले लोग जब खुद ही लिप्त रहें सारा

Sharad chandra kirne by Anita Sharma

October 23, 2021

 शरद-चंद्र-किरणें* ऐ तकदीर मेरी मुझको चाँद से मिला रही। इक चाँद आसमान में इक है मेरे पास भी। सितारों ने

Sharad purinima by Dr. indu kumari

October 23, 2021

 शीर्षक–शरद पूर्णिंमा  पूनम की रात आई प्रेम की बरसात लाई राधा संग मिल गोपियां कान्हा संग रास रचाई धरा अनुपम

Leave a Comment