Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र ‘कबीर

कितनी हैरानी की बात है! कितनी हैरानी की बात हैकि भौतिक जीवन की सार हीनता औरमृत्यु को सहज भाव से …


कितनी हैरानी की बात है!

कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र 'कबीर
कितनी हैरानी की बात है
कि भौतिक जीवन की सार हीनता और
मृत्यु को सहज भाव से स्वीकार करने के
उपदेश दे – देकर जनता को
लाखों-करोड़ों की धन-संपत्ति एवं
अनुयायी अर्जित करने वाले आध्यात्मिक ज्ञानी
खुद मौत का सामना करने से
अक्सर कतराते हैं,
और इस तरह अपनी ही विचारधारा को
खोखला साबित कर जाते हैं

कितनी हैरानी की बात है
कि स्वदेशी चिकित्सा पद्धति एवं
जीवन की जनता के बीच
वकालत कर अपना लाखों करोड़ों का
धंधा जमाने वाले महानुभाव
खुद को जरा सा भोजन विकार होने पर
विदेशी पद्धतियों के आश्रय में
चले जाते हैं,
और इस तरह से अपने भक्तों का
अच्छा खासा बेवकूफ बना जाते हैं।

कितनी हैरानी की बात है
कि अपने आपको सर्वकालिक महान जन सेवक
घोषित करने वाले हमारे नेता
खुद वी.वी.आई.पी. सुरक्षा घेरे से
सुरक्षित होने के बावजूद
विरोध के पोस्टर पकड़े थोड़े से लोगों को
अपनी जान के लिए बहुत बड़ा
खतरा बता सारे संसार में हल्ला मचाते हैं,
और इस तरह जनता में से ही एक होने के
अपने दावे को खंडित करते जाते हैं।

जितेन्द्र ‘कबीर
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha

January 9, 2023

कविता–कृष्ण की व्यथा क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी? उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी? छोड़ा गोकुल मैया

कविता – ‘रूह’ | kavita rooh

January 9, 2023

कविता – ‘रूह’ मैं अजर हूँ मैं अमर, जीवन मृत्यु से हूँ परे।रहती हूँ प्राणी के तन में मैं,दिए में

Ayurved par kavita | आयुर्वेद पर कविता

January 8, 2023

आयुर्वेद और मधुकवि हर दिन हर घर आयुर्वेद।। दूर करे तन मन के खेद।। नस नाड़ी को पुष्ट बनाता।। त्रिविध

Kashmir par kavita | कश्मीर पर कविता

January 8, 2023

अपना कश्मीर और मधुकवि अब तो सोए हुए भारती जाग जा|| देखले अपने भारत की क्या है दशा|| आज हिन्सा

व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं

January 8, 2023

 व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं  गंभीर

नए साल में नई शुरुआत!

January 6, 2023

नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से

PreviousNext

Leave a Comment