Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Tamanna_Matlani

कामयाबी की मंजिल , आखिर क्यों है दूर…?

नन्हीं कड़ी में….    आज की बात     कामयाबी की मंजिल , आखिर क्यों है दूर…? आज का आधुनिक समाज …


नन्हीं कड़ी में….
    आज की बात 
    कामयाबी की मंजिल , आखिर क्यों है दूर…?

कामयाबी की मंजिल , आखिर क्यों है दूर...?
आज का आधुनिक समाज सिर्फ और सिर्फ कामयाब व्यक्ति को ही मान-सम्मान देने के लिए प्रसिद्ध होता जा रहा है। कौन कितना कामयाब है, यह देख कर ही व्यक्ति की पूछ-परख की जाती है। यहां कामयाबी को उगता सूरज तो नाकामयाबी को ढलती शाम का दर्जा दिया जाता है। इसलिए आज के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति कामयाबी अथवा सफलता का स्वाद चखने के लिए सदैव तैयार और लालायित रहता है। कामयाबी को हासिल करने की चाहत तो हर एक व्यक्ति रखता है परंतु इसे आसानी से किस प्रकार हासिल किया जा सकता है, इस तथ्य पर मंथन करने का वक्त किसी के पास नहीं है।
आज के लेख का शीर्षक पढ़कर आप सभी यह तो समझ ही गए होंगे कि आज के समय में कामयाबी हासिल करने के लिए क्या आवश्यक है या यह कामयाबी कौन हासिल कर सकता है ? ऐसे ही अनेक और विभिन्न तथ्यों पर जब विचार किया जाएगा तो हमें समझ आ जाएगा कि सफलता प्राप्त करने की सबसे बड़ी कुंजी है कि किसी भी कार्य को करने से पहले अपने जहन में आत्मविश्वास का होना नितांत आवश्यक है अर्थात हम यह कार्य जरूर पूरा कर सकते हैं, मन में इस प्रकार के आत्मविश्वास के साथ-साथ उस कार्य को अपने विचार से पूर्ण करने के लिए पूरी-पूरी मेहनत करना भी नितांत आवश्यक है। इसलिए भी कामयाबी का दूसरा नाम ही मेहनत होता है।
जब हम मेहनत की बात करते हैं तो कई लोगों का तर्क होता है कि एक मजदूर भी दिन भर कड़ी मेहनत करता है तो फिर कामयाब क्यों नही होता? यह प्रश्न भी वाजिब है अतः हमें मेहनत का पाठ पढ़ने से पहले इस प्रश्न का उत्तर भी खोजना जरूरी है। अगर हमारे आसपास या जान-पहचान का कोई व्यक्ति मजदूरी का कार्य करता है तो हमने यह भी अवश्य देखा होगा कि कुछ समय के बाद एक मजदूर मिस्त्री बन जाता है ।
मैंने अपने जीवन काल में इसका भी एक उदाहरण देखा है कि किस प्रकार से मेहनत मशक्कत करने वाला एक सामान्य इंसान भी कामयाबी हासिल कर सकता है। जब हम छोटे थे तो हमारे मकान का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। घर के पास रहने वाला एक मजदूर परिवार भी इस कार्य में लगा हुआ था।उनके बच्चे अभी छोटे थे। पति और पत्नी दोनों ही मजदूरी करते थे । उनके बच्चे पढ़ने में होशियार थे। वह मजदूर हमेशा मेरे पिता से कहता था कि मैं अपने बच्चे को इंजीनियर बनाऊंगा और उसके साथ मिलकर बड़े-बड़े मकान बनाने के ठेके लिया करूँगा। समय बीतने में वक्त नहीं लगा उस मजदूर की लगन ने उसे मिस्त्री का काम सीखने में मदद की। वह मिस्त्री का काम करने लगा । घर के हालात बदलने लगे।
बच्चों ने भी पूरी लगन से पढ़ाई करके अध्ययन के क्षेत्र में सफलता प्राप्त की। आज उनका वही छोटा सा बच्चा बड़ा होकर सिव्हिल इंजीनियर बन गया है अपने पिता के साथ वास्तव में बड़े-बड़े मकान और इमारतें बनाने लगा है। आज वही मजदूरी करने वाला व्यक्ति बड़ा ठेकेदार बन चुका है। मित्रों अगर हम सोचें तो यह कोई फिल्मी कहानी जैसी लगेगी लेकिन मन में जज्बा हो ,कार्य करने की लगन हो और हमारा लक्ष्य निर्धारित हो तो कामयाबी भी हमसे दूर नहीं रह सकती।
हम मेहनत भी पूरी ईमानदारी से कर रहे है फिर भी यदि हमारी जी-तोड़ मेहनत करने के बाद भी हम मनचाही कामयाबी हासिल नहीं कर पाए हैं तो यह समझना चाहिए कि कामयाबी हासिल करने के लिए हमारे द्वारा किए गए प्रयासों में कहीं कोई कमी जरूर रह गई है , फिर इसी बात का मंथन हमे करने की आवश्यकता है कि आखिर चूक कहां हुई है?क्या हमारा लक्ष्य के प्रति समर्पण अधूरा है ? इस प्रश्न का जवाब जिस दिन हमने ढूंढ लिया समझ लेना मित्रों कामयाबी हमसे अब दूर नहीं है।
कठिन परिश्रम के बिना कामयाबी हासिल करने की आशा रखना तो ऐसा लगता है जैसे हमने खेतों में बीज तो छिटके ही नहीं हैं और अपनी इच्छानुसार फल प्राप्त करने की आशा लगा बैठे हों। अपने मन मुताबिक कामयाबी हासिल करने के लिए तो अर्जुन के समान हमे भी अपने लक्ष्य पर ही एकमात्र नजर रखनी चाहिए।
इसलिए ही हमारे बड़े कहते हैं कि आप अपने जीवन में कामयाबी हासिल करने से पहले सर्वप्रथम अपना लक्ष्य अवश्य निर्धारित करें। कई बार जीवन में ऐसा भी होता है कि हम कामयाबी तो हासिल कर लेते हैं परंतु उस कामयाबी को हासिल करने के बाद उसे संभालने में हम चूक कर जाते है। अगर कामयाब इंसान नम्रता का दामन थाम कर चलता है तो कामयाबी अपने पीछे-पीछे कई कामयाबियां साथ लाती है और अगर कामयाब होने के बाद घमंड या अहंकारआ गया तो कामयाबी भी अपना मार्ग बदलने में देर नहीं करती।
अतः आइए हम सभी बड़े-बुजुर्गों द्वारा दी गई नसीहतों पर चलकर अपना एक लक्ष्य निर्धारित करें और सफलता हासिल करने के लिए मन में आत्मविश्वास रखते हुए कठिन परिश्रम करें फिर देखिएगा कि किस प्रकार से अपने मन मुताबिक कामयाबी भी मिलेगी और जीवन में आनंद भी बना रहेगा…..

✍🏻 तमन्ना मतलानी
गोंदिया(महाराष्ट्र)


Related Posts

lekh jab jago tab sawera by gaytri shukla

June 7, 2021

जब जागो तब सवेरा उगते सूरज का देश कहलाने वाला छोटा सा, बहुत सफल और बहुत कम समय में विकास

Lekh- aao ghar ghar oxygen lagayen by gaytri bajpayi

June 6, 2021

आओ घर – घर ऑक्सीजन लगाएँ .. आज चारों ओर अफरा-तफरी है , ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत का

Awaz uthana kitna jaruri hai?

Awaz uthana kitna jaruri hai?

December 20, 2020

Awaz uthana kitna jaruri hai?(आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ?) आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ये बस वही समझ सकता

azadi aur hm-lekh

November 30, 2020

azadi aur hm-lekh आज मौजूदा देश की हालात देखते हुए यह लिखना पड़ रहा है की ग्राम प्रधान से लेकर

Previous

Leave a Comment