Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Tamanna_Matlani

कविता- हौंसला तुम्हारा…

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात हौंसला तुम्हारा…(कविता) हे नारी, हो पाक-पवित्र इतनी तुम,समाज ने टटोला हमेशा तुम्हें।पग-पग पर मज़ाक …


नन्हीं कड़ी में….

आज की बात

हौंसला तुम्हारा…(कविता)

हे नारी, हो पाक-पवित्र इतनी तुम,
समाज ने टटोला हमेशा तुम्हें।
पग-पग पर मज़ाक बना तुम्हारा,
रोती रही,सुबकती रहीं सदा तुम।
अपने को जमाने के सामने,
हमेशा साबित करती रही तुम ।
छोड़ दो फिकर करना अब,
इस संसार की तुम ।
ना आएगा जहान साथ में तुम्हारे,
जब जाओगी अंतिम सफर पर तुम ।
जितनी की थीं तुमने मेहरबानियाँ,
भूल जाएंगे सब एक पल में तेरी कुर्बानियाँ।
उन सभी को नकारकर आज,
अब अपने लिए भी जी लो तुम।
अपना करम, अपनी नई राह,
चुनकर शान से चलो तुम।
दूसरों की परवाह आखिर,
कब तक करती रहोगी तुम ।
नारी की है यही दास्तान,
सुन लो जरा ध्यान से तुम ।
कहती है तमन्ना तुमसे यही ,
हौंसला कभी न हारो तुम।।

About author 

Tamanna matlani

तमन्ना मतलानी
गोंदिया(महाराष्ट्र)


Related Posts

कब बदलेंगे| kab badlenge

November 16, 2022

लिखते बहुत है,पढ़ते भी बहुत हैसोचते भी है,लेकिन कुछ बदला नहीं।। वो जज़्बाती होकर जज्बातों को लिखते हैं बीती बाते

मुझे भी जीने दो| mujhe bhi jeene do

November 16, 2022

अपने गुनाह को कूड़ेदान के नाम कियादुनिया ने पाल मुझे लावारिस नाम दिया।। खता तो तुमने की थी नवयुवाओं लेकिनसजा

भेद सारे चूर कर दो|

November 16, 2022

माँ वीणा वादिनी मधुर स्वर दो,हर जिह्वा वैभवयुक्त कर दो ।मन सारे स्नेहमय हो जाए,ऐसे गुणों का अमृत भर दो

नव साहित्यकारों एसे लिखो/nav sahityakaron aise likho

November 13, 2022

नव साहित्यकारों एसे लिखो बहुत से युवा साहित्यकार बनना चाहतेक्या लिखें ? यही सोच ये उलझ ही जाते।।आओ बैठो खुद

कविता–ठसन छोड़ना पड़ेगा| Thasan chhodna padega

November 13, 2022

कविता–ठसन छोड़ना पड़ेगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो अटके काम बनाना है तो सुकून से जीवन व्यतीत करना है

कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा| pehle buddhu banna padega

November 13, 2022

कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा किसी से ज्ञान प्राप्त करना है तो अपना ज्ञानवर्धन कर आगे बढ़ना है तो किसी में

PreviousNext

Leave a Comment