Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Nandini_laheja, poem

कविता – संदेश | kavita-Sandesh

संदेश जब से गए तुम साजन मेरे,मन को न कुछ भी भाये।हर क्षण लगता वर्ष सम मुझको,याद तेरी अति सताए।भूख …


संदेश

कविता - संदेश | kavita-Sandesh

जब से गए तुम साजन मेरे,
मन को न कुछ भी भाये।
हर क्षण लगता वर्ष सम मुझको,
याद तेरी अति सताए।
भूख भूली मैं ,प्यास ना लगती,
क्या करूँ, समझ न आये।
करती प्रभु से नित प्रार्थना,
उनका संदेशा आये।
आज मिला आनंद ये सुनकर,
सन्देश आपका आया।
पत्र आपका हैं हाथों में ,
और मन मेरा भर आया
ह्रदय से लगायी पाती आपकी ,
नयन से अश्रु बहते।
पढ़ने को आतुर संदेशा,
पर हाथ मेरे कपकपाते।
कैसी हो तुम प्रियतमा मेरी,
पढ़े शब्द जब मैंने।
आया तुम पर राग और प्रेम भी,
क्या, मेरे मन की तू न जाने।
पर जब पढ़ा मैंने यह कि,
आ रहे हो लौट कर तुम।
भूल गई शिकवे सारे,
बस राह निहारें तेरी प्रियतम।

About author 

नंदिनी लहेजा | Nandini laheja
नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित

Related Posts

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी

April 30, 2022

कविता-प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही ज़रूरी हर प्रशासकीय पद की ज़वाबदेही व्यवहारिक रूप से ज़रूरी है कागजों में दर्ज ज़वाबदेही को

प्रेम की महक आ गई-कविता

April 30, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात प्रेम की महक आ गई महफिलों की चाहत थी,तन्हाई वो निभा गई, साथ था

जीवन तथ्य!

April 27, 2022

जीवन तथ्य! बिखरने के बाद भीनिखरना एक अदा है,बिछड़ने के बाद भी,हम स्वयं के सदा हैं! खुशी हो या गम,जीना

वाह क्या किस्मत पाई है!

April 27, 2022

 वाह क्या किस्मत पाई है! रात रात भर जाग के, की उसने मेहनत ,  जीते बहुत से पुरस्कार और परिश्रम

कविता आज़ाद

April 27, 2022

 आजाद! आजाद विचार, आजाद ख्याल, आजादी से जी ले हर एक साल, आजाद सी दुनिया, आजाद सी ढाल, आजाद हो

पीछे छूटा! -कविता

April 27, 2022

पीछे छूटा! -कविता मुड़ कर ना देखो, जो पीछे छूट गया,आगे बढ़कर लिखो,अपना भविष्य नया! कुछ छुटने का क्या पछतावा,सब

PreviousNext

Leave a Comment