Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता -मेरा जीवन सुखी था

 कविता -मेरा जीवन सुखी था  मेरा जीवन सुखी था  जब मेरे माता-पिता बहन हयात थे  मुझे कोई फ़िक्र जिम्मेदारी चिंता …


 कविता -मेरा जीवन सुखी था 

कविता -मेरा जीवन सुखी था

मेरा जीवन सुखी था 

जब मेरे माता-पिता बहन हयात थे 

मुझे कोई फ़िक्र जिम्मेदारी चिंता नहीं देते थे 

मेरे माता पिता सब संभालते थे 

मुझ पर बहुत प्यार निछावर करते थे 

मेरे माथे पर चिंता की लकीर सहन नहीं करते थे 

वात्सल्य प्यार दुलार की बारिश करते थे 

मुझ पर कोई आंच नहीं आने देते थे 

मेरी छोटी बहन राखी पर नख़रे दिखाती थी 

राखी बांधकर सिर्फ दस रुपए ही लेती थी 

मेरी चकल्लस की बातें बहुत सुनती थी 

मेरा बड़बोलापन हंस कर टाल देती थी 

माता-पिता बहन यूं चले जाएंगे बात पता न थीं 

अकेला हो जाऊंगा गुमनाम बात पता न थीं 

चिट्ठी ना कोई संदेश ना जाने कौन सा देश 

जहां वह चले जाएंगे यह बात मुझे पता न थीं 

आपबीती दुख भरी दास्तां का लेखक- कर विशेषज्ञ साहित्यकार, कानूनी लेखक, चिंतक, एडवोकेट कवि किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

स्वर कोकिला पंचतत्व में विलीन

February 11, 2022

 स्वर कोकिला पंचतत्व में विलीन   भारत ने अपना रत्न खो दिया- यह सरस्वती का स्वर विराम है- पार्थिव शरीर को

कमियां-सतीश सम्यक

February 7, 2022

कमियां एक दिनखोज लिया फेसबुक परउस लड़के कोजिसके साथ तुमने किया थाप्रेम विवाह। जब भीसमय मिलता है,तबढूंढने लगता हूं।उसकी तस्वीर

Tum kahani aur kavita ho

February 7, 2022

तुम कहानी और कविता हो तुम पर मैंने कई कहानीयां और कविता लिखी।पर , फिर भीतुम्हें पूरा नहीं लिख पाया।कहानी और

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू-सतीश सम्यक

February 7, 2022

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू रात के सफर मेंजयपुर से नोहर तकआने वाली बसके अंन्दर बैठा था मैं। लगभग भागपाटी

चंद्रमा, चांद, शशि!

February 7, 2022

चंद्रमा, चांद, शशि! सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह,सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह,रात्रि को शीतलता प्रदान करता,यह चंद्रमा, चंद्र, शशि के

पृथ्वी बोल पड़ी!

February 7, 2022

 पृथ्वी बोल पड़ी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह, जहां जीव जंतु का जीवन है संभव, निवास करती है

Leave a Comment