कविता -भारतीयता के भाव और कट्टरता
भारतीयता के भाव और कट्टरता कट्टरता का भाव गलत है,मेल न खाता भारत से।। जाग-जाग ओ सोये भारत, यह खिलबाड़ …
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October 11, 2022
वक्त संग कारवां वक्त संग दर्द-ए कारवां मेरा गुज़रता जा रहा थादिल तेरे लौटने कि उम्मीद आज भी लगा रहा
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व्यंग काव्य
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