Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा| pehle buddhu banna padega

कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा किसी से ज्ञान प्राप्त करना है तो अपना ज्ञानवर्धन कर आगे बढ़ना है तो किसी में …


कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा

किसी से ज्ञान प्राप्त करना है तो
अपना ज्ञानवर्धन कर आगे बढ़ना है तो
किसी में अटका काम निकालना है तो
पहले बुद्धू बनना पड़ेगा

जिंदगी जीने के दांव सीखना है तो
कपटी होशियार की होशियारी उतारना है तो
सयाने को बौद्धिक पटकनीं देना है तो
पहले बुद्धू बनना पड़ेगा

मैं मैं करने वालों को सबक सिखाना है तो
अपने ज्ञान की विशेषज्ञता दिखाना है तो
समाज में अपना लोहा मनवाना है तो
पहले बुद्धू बनना पड़ेगा

सयाने के सामने पहले बुद्धू बनकर
बातूनी हाकने को प्रोत्साहन देकर
नहले पर दहला मारना हो तो
पहले बुद्धू बनना पड़ेगा

दिखावा नहीं करने का सौदा करना है तो
बातूनी को बौद्धिक पटकनीं देना है तो
दूरगामी सकारात्मक परिणाम पाना है तो
पहले बुद्धू बनना पड़ेगा – 3

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

हालात- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

हालात मिलाना हाथ मुश्किल हैं बहुतगले लगाने की बात ही न कीजिएघूमने की ख्वाहिश बहुत हैंमगर बाहर निकलने की बात

एक अभिशाप- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

एक अभिशाप एक तरफ हैं…घर में बेटी के जन्म लेने परमायूस होने वाले लोग,लेकिन बेटे के जन्म परपूरे गांव, रिश्तेदारी

शेखियां बघारने का मौसम- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

शेखियां बघारने का मौसम चुनाव आ गये हैं और अब… देश को तरक्की की राह परले जाएगा कोई,तो कोई यहां

स्वामी विवेकानन्द – डॉ. इन्दु कुमारी

January 15, 2022

स्वामी विवेकानन्द युवाओं के प्रेरणा स्रौत शांति के संवाहक संतदेशभक्त समाज हितैषीलक्ष्य पाकर न रुके कदम भारतीयों के आदर्श हैंआध्यात्मिक

मुहब्बत जालिम – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

मुहब्बत जालिम किसी की नहीं होती हैजालिम मुहब्बत ये हैबड़ी मगरुर होती हैबड़ी मशहूर होती है बाँधो चाहे पैरों में

फसलों के त्योहार – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

फसलों के त्योहार मकर संक्रांति हम मनाएं गुड़ तिल चावल चढ़ाएंदही चूड़ा गुड़ केला खाखिचड़ी के भोग लगाएंमिलकर खुशी हम

Leave a Comment