गर्मी
चांद को तो कुछ कह नहीं पाए
को उसे भूला भी न पाए
राहें तुम्हारी इंदु ने बदली और
और गर्मी हमें दिखा रहे हैं
अब आप इश्क मोहब्बत में जलते रहें
ये अच्छा नहीं लगता।
मौलिक अप्रकाशित
उदय राज वर्मा उदय
छिटेपुर सैंठा गौरीगंज अमेठी उत्तर प्रदेश 227409
गर्मी बेवफाई की चांद नेचांद को तो कुछ कह नहीं पाए लेकिन मोहब्बत इतनी थीको उसे भूला भी न पाए …
मौलिक अप्रकाशित
उदय राज वर्मा उदय
छिटेपुर सैंठा गौरीगंज अमेठी उत्तर प्रदेश 227409
June 27, 2021
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June 27, 2021
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June 27, 2021
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June 27, 2021
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June 27, 2021
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June 27, 2021
कविता-देखो कितने गांव बदल गए…। हर देहात के ताव बदल गए,देखो कितने गांव बदल गए। कुआ बाबड़ी ,पानी भूले ,देखो