Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Santosh rao

कविता क्या हुआ आज टूटा है इंसान

क्या हुआ आज टूटा है इंसान क्या हुआ जो आज बिखरा है इंसानक्या हुआ जो आज टूटा हुआ है इंसानअरे …


क्या हुआ आज टूटा है इंसान

कविता क्या हुआ आज टूटा है इंसान

क्या हुआ जो आज बिखरा है इंसान
क्या हुआ जो आज टूटा हुआ है इंसान
अरे यही बिखरना यही टूटना तो
बनाती है मजबूत तुझे है इंसान

खाई जो राह में ठोकर तूने
मिले जो जख्म अपनो से तुझे
बढ़ गए सभी छोड़ अकेला तुझे
गर छोड़ गए राह में कांटे तेरी

तू कर ना फिक्र उन कांटो की
चल निर्भय होकर ऐ इंसान
क्या हुआ आज लहू बह रहा है इंसान
बढ़ा कदम रख हौसला ऐ इंसान

चुभते गए पर बढ़ना तेरा है काम
रुकना नही है जीवन का नाम
क्या हुआ आज दुःख सह रहा ऐ इंसान
सुख दुःख जीवन की सच्चाई है इंसान

आज दिन बुरा है तो क्या हुआ
किस्मत रूठी हुई है तो क्या हुआ
कल नया सवेरा होना है इंसान
अंधेरे में उजाला होना है इंसान

तुझे हारना नहीं है इंसान
रूठी हुई किस्मत मनाना है इंसान
कर कर्म अपना निष्काम होकर
रह जा दुनिया से बेखबर होकर

तू कर मेहनत सच्ची लगन से अपनी
फिर देख तू किस्मत अपनी
देख बदलती तस्वीर अपनी
सामने देख तू मंजिल अपनी

क्या हुआ जो आज बिखरा है इंसान
क्या हुआ जो आज टूटा हुआ है इंसान

About author 

संतोष कुंवर राव
प्रतापगढ (राजस्थान)


Related Posts

स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

March 5, 2023

भावनानी के भाव  स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने भाषाई अड़चनों को

हे राम!! | Hey ram

March 5, 2023

हे राम!! राम तुम क्यूं ना बन सके प्रैक्टिकल,कि जब मेघनाद का तीर लगा लखन को,क्यों तुमने द्रवित किया था

द्वारिका में बस जाओ

March 5, 2023

 द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे,

सब्र। सब्र पर कविता| kavita -sabra

March 5, 2023

 सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर

मेरी दादी माँ| meri dadi maa

March 5, 2023

 मेरी दादी माँ आज की शाम मेरी दादी के नाम कर रहे सब आज तुम्हारी बातें इकट्ठा हो घर के

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

March 4, 2023

 भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो  अटके काम बनाना है तो 

PreviousNext

Leave a Comment