Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता – कोयले की किल्लत

कविता -कोयले की किल्लत कोयले नें राजनीतिक माहौल में गर्मी लाई कमीं दूर अपनी आइडिया समस्याएं बतलाईअंतरराष्ट्रीय बाजार की बात …


कविता -कोयले की किल्लत

- एड किशन भावनानी
कोयले नें राजनीतिक माहौल में गर्मी लाई
कमीं दूर अपनी आइडिया समस्याएं बतलाई
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात बतलाई आई
समस्याओं ने भी आपूर्ति में विघ्न बढ़ाई

कोयले की किल्लत गहराई
राज्य सरकारों ने केंद्र से गुहार लगाई
सरकार की तरफ से सटीक सफाई आई
सबसे बड़ी वजह मौसम की बताई

कोयला खदानों में की समस्या बताई
आयात का 70 फ़ीसदी कोयला ऑस्ट्रेलिया से
आने की यह बात रिसर्च में सामने आई
अनुमान अनेक राज्यों में अंधेरे की नौबत आई

मंत्री ने दहशत फैलाने पर नाराज़गी जताई
कोयला उपलब्धि की बात आंकड़ों में बताई
कहीं कोई संकट नहीं अनावश्यक संकट बात बताई
कोयला डिमांड अधिक विकास से जोड़कर बताई

-लेखक- कर विशेषज्ञ,साहित्यकार,कानूनी लेखक,चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

संक्रांति -डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

संक्रांति ! चलो हम सब मिलकर बनाते हैं मकर संक्रांति, सर्दियों में आलस्य में जकड़ा, शरीर पकड़े थोड़ी सी गति,भागदौड़,

सर्दी का मौसम-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

सर्दी का मौसम! दिसंबर के महीने से पड़ती, सबसे ठंडी रितु सर्दी,जैकेट, ऊनी कपड़े पहनते सब,ओले, तेज हवा और पड़ती

लोहड़ी का पर्व- डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

लोहड़ी का पर्व! फसल की कटाई और बुआई के तौर पर मनाया जाता है यह त्योहार,सब नए नए वस्त्र पहनकर,

पढ़े भारत अभियान

January 16, 2022

पढ़े भारत अभियान बच्चों को वास्तविक जीवन से जोड़ने, शिक्षा में रचनात्मकता, चिंतन, अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करना ज़रूरी पढ़े

इश्क की इंतहा-जयश्री बिरमी

January 16, 2022

इश्क की इंतहा प्यार हो ही जाता हैं गर हो जुत्सजूजब इश्क हो ही जाता हैं रूबरूजब हो जानिब वफा–ए–यारक्यों

आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ?

January 16, 2022

 आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ? हाल ही में आपने सुना होगा सोशल मीडिया पर

Leave a Comment