Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

कविता एकत्व | kavita ekatatva

  एकत्व  एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी । मैं भी हूं एकाकी तू भी है एकाकी, जीवन पथ पर है …


  एकत्व 

कविता एकत्व | kavita ekatatva
एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी ।
मैं भी हूं एकाकी तू भी है एकाकी,
जीवन पथ पर है चलना हम सबको एकाकी,
एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी ।
ना कोई तेरा है ना है किसी का तू ,
मोह के रिश्ते हैं माया का है जादू ,
मोह- माया के फेरे में जीवत्व है एकाकी,
एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी ।
आया तू अकेला था जाएगा भी अकेला ही,
रह जाएगा सारा मेला भी झमेला भी,
आने जाने के क्रम में होना है एकाकी,
एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी ।
संसार के मेले में भ्रमों का रेला है,
बहने की है नियती जड़ को तो बहना है,
स्मरण मग़र रख ले चेतन ये एकाकी,
एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी ।
ये तन है क्षणभंगुर पल में मिट जाएगा,
माटी का ये ढेला माटी में ही मिल जाएगा,
तन के इस सुख दुःख में खुद को रख एकाकी,
एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी ।
लाया ना संग कुछ भी जाना भी है खाली हाथ,
कर्मों का इक लेखा होगा बस तेरे साथ,
द्वार पर परमात्मा के हर आत्मा एकाकी,
एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी ।
एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी,
मैं भी हूं एकाकी तू भी है एकाकी ।

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

हां ये तपिश हैं

February 7, 2022

हां ये तपिश हैं ठंडे न होंगे ये सिने जिसमे हैं दहकलाखों में न सही हजारों में हीललकार हैं प्रतिकार

मेरे किस्से -सतीश सम्यक

February 7, 2022

मेरे किस्से- सतीश सम्यक तुम्हें पता थाकिमैं तुम्हें पसंद करता हूँ।तभी तो तुम ,मुझे जलाने की खातिरनाम लिया करती थी

बेरोजगार हूं-दीप मदिरा

February 7, 2022

बेरोजगार हूं कभी कट्टर हिंदूवादी हूं कभी कट्टर भाजपा समर्थक हूं कभी कट्टर मोदी समर्थक हूं कभी कट्टर योगी समर्थक

जाति -पाति- -सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 6, 2022

जाति -पाति जाति-पाति में मत उलझो ,रहना है हमें हर ठाँव बराबर।सिर के ऊपर सूरज तपता ,तो पाँव केनीचे छाँव

नब्ज/नेता- सधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

नब्ज/नेता मैं नेता हूं मगर मैं दूसरे किस्म का नेता हूंगली गली नहीं भटकताजनता की नब्ज नहीं टटोलता,क्योंकि मुझे खुद

गाँधी जी तुम्हें प्रणाम- सुधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

गाँधी जी तुम्हें प्रणाम हे बापू हे राष्टृपिता संत साबरमती केपुजारी अहिंसा केतुम्हें नमन हैकोटि कोटि प्रणाम है।देश में आज

Leave a Comment