कविता एकत्व | kavita ekatatva
एकत्व एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी । मैं भी हूं एकाकी तू भी है एकाकी, जीवन पथ पर है …
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राजस्थानी कविता-मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी “
February 24, 2022
(राजस्थानी भाषा री मान्यता सारू म्हारी जिद है मान्यता मिळ सकै राजस्थानी अकेडमी रै गठन ताईं एक कविता रोजानां राजस्थानी
शहीदों के वैलेंटाइन डे- डॉ इंदु कुमारी मधेपुरा बिहार
February 24, 2022
शहीदों के वैलेंटाइन डे। वैलेंटाइन डे तो सब मनाते हैं पर कारवां कुछऐसे कर जाते हैंमानस पटल पर छविअंकित हो
बसंत की बहार-डॉ इंदु कुमारी
February 24, 2022
बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों
मेरे जीवन रथ का सारथी
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मेरे जीवन रथ का सारथी कुछ भी नहीं समझ आता थादुनियां के रंगों मेंकौनसा रंग था जो भाएगा या सजेगा
महापुरुषों का नाम भुना लिया हैै-जितेन्द्र ‘कबीर’
February 24, 2022
महापुरुषों का नाम भुना लिया है वक्त गुजरने के साथसच्ची, सरल शिक्षाओं कोरूढ़ करके सदियों के लिएजटिल हमनें बना लिया
दोगला व्यवहार-जितेन्द्र ‘कबीर’
February 24, 2022
दोगला व्यवहार गायों से नहीं चाहे हमने बछड़ेऔर स्त्रियों से लड़कियां,दोनों के प्रति हमारे समाज काअघोषित सा दुराव रहा है,

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