Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान।

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान। यह कैसा शब्द है कन्यादान, कौन करता है अपनी जिंदगी को दान,माता- पिता की जान से बढ़कर,कैसे …


कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान।

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान।

यह कैसा शब्द है कन्यादान,

कौन करता है अपनी जिंदगी को दान,
माता- पिता की जान से बढ़कर,
कैसे खुश हो सकते है वह,
अपनी बेटी किसी को दान कर।

बेटी कोई वस्तु या धन नहीं,
उसे दान में देना, क्या है सही?
कहो उसे आज से दो घर है तुम्हारे,
मेरी लाडली बेटी के लिए,
खुले हैं दोनों घर के द्वार सारे।

तुम नहीं अपने ही घर की मेहमान,
तुम तो हो इस घर की शान,
जब मन चाहे आते रहना,
तुम हो मेरी बिटिया रानी,
कभी खुद को पराया ना कहना।

खुशनसीब है हमने तुमको पाया,
इस घर को तुमने महकाया,
जीवन में और रिश्ते बढ़ गए हैं,
ना सोचना तुमने किसी को खोया,
पुराने रिश्तो के साथ जुड़े नए हैं।

हम सब हैं तुम्हारे अपने,
पूरे करना तुम सारे सपने,
दोनों एक दूसरे का सहयोग बनकर,
जिम्मेदारी, प्रेम और सम्मान के साथ
जरूर बनना एक बेहतरीन हमसफर।।

About author 

Dr madhvi borse

डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

माँ- डॉ. इन्दु कुमारी

February 14, 2022

माँ मां देती आंचल की छायाप्रेम की मूरत सी सुंदर कायाअगाध प्रेम की द्योतक रही वात्सल्य ह्रदय शोभनीय रही रब

यादें-जयश्री बिरमी

February 14, 2022

यादें जब आई न नींद खूब उधेड़े ताने बानेकुछ दिन ही नहीं कुछ महिनें ही नहींसालो तक पहुंचाईबचपन से हुई

आज फिर बसंत आई हैं-जयश्री बिरमी

February 14, 2022

आज फिर बसंत आई हैं पतझड़ की छोड़ चुन्नरआज बसंत ने फिर ली अंगड़ाई हैंहैं बरखा ऋतुओं की रानीबसंत भी

सांप्रदायिक सद्भाव, सौद्रह्यता भारत की खूबसूरती

February 14, 2022

सांप्रदायिक सद्भाव, सौद्रह्यता भारत की खूबसूरती सामाजिक सद्भाव, सौद्रह्यता, समरसता, मानवतावादी दृष्टि की सोच में युवाओं की ऊर्जा का सदुपयोग

जब वह चुप है- डॉ. माध्वी बोरसे!

February 14, 2022

जब वह चुप है! जब वह चुप है इंसान,क्यों कर रहा तू हर जगह बखान,निंदा करना सबसे बड़ा पाप,हर गलती

अंदाजा-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 14, 2022

अंदाजा! ठहरा हुआ दरिया होता है बहुत गहरा ,मुस्कुराहट के पीछे भी हे एक खामोश चेहरा,किसी भी हस्ती को अंदाजे

Leave a Comment