Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

एक कोशिश , जरिया बनने की

एक कोशिश , जरिया बनने की ज़हर जो उगले मेरी कलम छील के ये रख देती हैक्रोध कि ज्वाला धधक …


एक कोशिश , जरिया बनने की

एक कोशिश , जरिया बनने की
ज़हर जो उगले मेरी कलम
छील के ये रख देती है
क्रोध कि ज्वाला धधक रही
लिख शांत हो कलम कहती है।।

एक कोशिश , जरिया बनने की।।2।।

भूचालों से घिरे जज़्बात मेरे
भूचालों को कलम रूख देती है
बेबाक शब्दों की मालिक तू वीना
मेरी कलम ये मुझसे कहती है।।
एक कोशिश , जरिया बनने की।।2।।

अरे घटित हो अत्याचार कहीं भी
सहन ना कर पाए , वीना कहती है
सामने से चाहे कुछ ना कर पाए मदद्
वीना की कलम आवाज़ उठाती रहती है।।
एक कोशिश , जरिया बनने की।।2।।

लाखों करोड़ों की जनता मे से यदि
कुछ संख्या पढ़ सबब सीख पाएंगे
मेरी कलम की तब आवाज़ सार्थक होगी
जब कुछ टूटे घर जुड़ फिर मुस्कुराएंगे।।
एक कोशिश , जरिया बनने की।।2।।

हां हम तो समाज के लिए पहल कर
एक कोशिश कर जरिया बनते जाएंगे।।
लेखिका हम बेबाक शब्दों को सज़ा कर
सबके हित मे कलम चलाएंगे।।
एक कोशिश , जरिया बनने की।।2।।

About author

Veena advani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र

Related Posts

दूधारू हो , परंतु गाय हो गाय

May 7, 2023

दूधारू हो , परंतु गाय हो गाय वर्तमान युग में बढ़ती हुई महंगाई को मद्देनजर रखते हुए इस लेख को

एक कोशिश , जरिया बनने की

May 4, 2023

एक कोशिश , जरिया बनने की ज़हर जो उगले मेरी कलम छील के ये रख देती हैक्रोध कि ज्वाला धधक

बलात्कार गुनाह और स्वैच्छिक बलात्कार नहीं

May 4, 2023

बलात्कार गुनाह और स्वैच्छिक बलात्कार नहीं बलात्कार शब्द एक ऐसा शब्द है जिसे सुनकर दिल क्रोध से भर जाता है

सावधान ! शिकारी घात लगाए बैठे

May 4, 2023

सावधान ! शिकारी घात लगाए बैठे उफ़्फ ये कैसी विडम्बना है , हर तरफ़ खौंफ के साए के काले बादल

एक सवालिया निशान ? क्या एसे मर्द , मर्द हैं

May 4, 2023

एक सवालिया निशान ? क्या एसे मर्द , मर्द हैं आज वर्तमान युग मे यदि देखा जाए तो हर ओर

कविता – अंधेरे की आवाज़ | Andhere ki awaz

April 26, 2023

अंधेरे की आवाज़  तालाब शांति में समुद्रीय हलचलविश्व का दूरस्थ प्रतिमान,जो नहीं खोज पाया खोज ही नहीं पायाकविता और कहानियों

PreviousNext

Leave a Comment