Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

एक और चायवाले का बेटा वह भी गुजरात से

 एक और चायवाले का बेटावह भी गुजरात से हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जो एक ऐसे पिता की संतान है …


 एक और चायवाले का बेटा
वह भी गुजरात से

ek chai wale ka beta by jayshree birmi

हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जो एक ऐसे पिता की संतान है जो रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे। इस विषय पर श्री नरेंद्र मोदी के बारे में बहुत ही टिप्पणियां होती हैं,सकारात्मक भी और नकारात्मक भी ,लेकिन राजकरण वैसा ही हैं।कोई अमीर हो तब भी टिप्पणी और गरीब हो तो भी टिप्पणी।फिर भी विश्वभर में सम्मानित हुआ हुआ व्यक्तित्व हैं ये तो दुनियां भी मानती हैं।

वैसे ही आज आई आई टी में प्रवेश के लिए जे ई ई एडवांस परीक्षा का परिणाम आया उसमें अहमदाबाद का नमन सोनी  टॉप १० में से ६ वा रैंक आया हैं।वैसे टॉप १०० में भी नमन के अलावा गुजरात के और भी परीक्षार्थी हैं,अनंत किदांबी–१३, तनय तयाल–१५,प्रेरक कॉन्ट्रैक्टर_३५, परम शाह–५२, लिसन काडीवाल–५७,पार्थ पटेल–७२ और राघव अजमेरा–९३।

सुबह   अखबार  में पढ़ा तो खयाल आया ये भी तो एक उपलब्धि ही है नमन सोनी की इतनी स्पर्धात्मक परीक्षा में इतनी उपलब्धि ! वैसे सभी परीक्षा में उत्तीर्ण होने वालें बधाई के पात्र तो हैं ही लेकिन लिसन कडीवाल के पिता दीपकभाई कडीवाल सौराष्ट्र के जाम जोधपुर में चाय की दुकान चला कर अपना और परिवार का गुजारा करते हैं। करोना काल में दुकान बंद होने की वजह से घर से चाय बेच गुजारा किया था दीपक भाई ने।

लिसन अपने ही शहर की सैनिक स्कूल में पढ़ाई करी और १० वी की परीक्षा  अच्छे गुणों से उत्तीर्ण की थी और इंजीनियर और खास कर जे ई ई कर आई आई टी में प्रवेश पाने की इच्छा से अहमदाबाद जा कर कोचिंग ली और १२ वी पास करके स्पर्धात्मक परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर टॉप १०० में ५७ वां स्थान प्राप्त कर अपने पिता का नाम रोशन किया हैं।

दीपक भाई की बेटी भी इंजीनियर हैं।

 ये एक मिसाल हैं उन बच्चों के लिए जिनके पास बहुत सुविधा होने के बावजूद कम गुण आने पर किसी न किसी को दोषी ठहराते हैं।

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद

Attachments area


Related Posts

Awaz uthana kitna jaruri hai?

Awaz uthana kitna jaruri hai?

December 20, 2020

Awaz uthana kitna jaruri hai?(आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ?) आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ये बस वही समझ सकता

azadi aur hm-lekh

November 30, 2020

azadi aur hm-lekh आज मौजूदा देश की हालात देखते हुए यह लिखना पड़ रहा है की ग्राम प्रधान से लेकर

Previous

Leave a Comment