Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

उनके आने से। Unke aane se

उनके आने से। एक सफर थम सा गया था, ह्रदय में, गम सा भरा था,जीवन तन्हा और अकेला मन,कैसे देखे, …


उनके आने से।

उनके आने से। Unke aane se

एक सफर थम सा गया था,
ह्रदय में, गम सा भरा था,
जीवन तन्हा और अकेला मन,
कैसे देखे, नम आंखें टूटे स्वप्न।

थमते सफर को ऐसा चलाया,
जीवन का जर्रा जर्रा महकाया,
कहने लगे, बनजाओ मेरी हमसफर,
नए सफर से भरने दो हर एक लहर।

डर और घबराहट ने रोका रास्ता,
पर दिया उन्होंने जब, रब का वास्ता,
कहां उस पर विश्वास करो और मेरी हो जाओ,
इस जिंदगी को मेरे साथ और हसीन बनाओ।

मुद्दत बाद ही सही मिले तो,
शूल के बाद जीवन में फूल खिले तो,
हर जन्म तुम ही मिलो, यही गुजारिश है,
ऐसा लगता है,
अब जाकर पूरी हुई बरसों की ख्वाहिशें।।

About author 

डॉ. माधवी बोरसे
अंतरराष्ट्रीय वक्ता
स्वरचित मौलिक रचना
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

संगीत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

संगीत! एक मधुर सी ध्वनि जब कानों में गुनगुनाती,मन को प्रसन्नता से भर जाती,योग की तरह होता है संगीत,हर एक

आभासी दुनियाँ- सरस्वती मल्लिक

January 25, 2022

आभासी दुनियाँ अद्भुत है बहुत ,यह आभासी दुनियाँप्यारी है बहुत ,जैसे सपनों की दुनियाँमित्र मिले यहाँ बहुत ,बनी नए रिश्तों

तू डोर मैं पतंग- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

तू डोर मैं पतंग ईश्वर के हाथों में जीवन डोर-हम पतंग जैसे उड़ रहे।खींचता और ढील देता विधाताहम नाचते अंहकार

देश के वीर सपूतों में वीरांगना- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

देश के वीर सपूतों में वीरांगना वीरता की श्रृंखला में जुड़करप्रहरी बन आ रही है बहनाभाई हिम्मत नहीं है हारनाचल

ए-जमीन-ए-वतन ,ए-ज़मीन-ए-वतन -मईनुदीन कोहरी”नाचीज़ बीकानेरी”

January 25, 2022

ए-जमीन-ए-वतन ,ए-ज़मीन-ए-वतन । ए-जमीन-ए-वतन ,ए-ज़मीन-ए-वतन ।तुझको मेरा नमन , तुझको मेरा नमन ।। आबरू तेरी जाने नां देंगें कभी ।

दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार

January 24, 2022

भज़नदे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार बस इतनी

Leave a Comment