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Gurudeen Verma, poem

ईश्वर का उपहार है जीवन| ishwar ka uphar hai Jeevan

ईश्वर का उपहार है जीवन ईश्वर का उपहार है जीवन। ऐसे कर्म जीवन में करें।। याद करें हमको जमाना। ऐसे …


ईश्वर का उपहार है जीवन

ईश्वर का उपहार है जीवन।
ऐसे कर्म जीवन में करें।।
याद करें हमको जमाना।
ऐसे हम उपकार करें।।
ईश्वर का उपहार——————।।
पिछले जन्म में किये होंगे।
अच्छे कर्म हमने जीवन में।।
इसीलिए ईश्वर ने भेजा है।
फिर से हमें मानव जीवन में।।
फिर से यही उपहार मिले।
सबका हम उद्धार करें।।
ईश्वर का उपहार——————।।
करें नहीं किसी पर जुल्म।
अभिमानी बनकर दौलत में।।
करें नहीं किसी से सौदा हम।
कभी किसी से मोहब्बत में।।
इस उपहार की कीमत समझें।
अपने कर्मों में सुधार करें।।
ईश्वर का उपहार——————–।।
हमने लिया भारत में जन्म।
खुशनसीब खुद को माने।।
आबाद रखें अपना वतन।
सम्मान शहीदों का जाने।।
अपनी कुर्बानी का उपहार।
देश की रक्षा में तैयार करें।।
ईश्वर का उपहार———————।।

About author 

Gurudeen verma
शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)


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