Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Gurudeen Verma, poem

ईश्वर का उपहार है जीवन| ishwar ka uphar hai Jeevan

ईश्वर का उपहार है जीवन ईश्वर का उपहार है जीवन। ऐसे कर्म जीवन में करें।। याद करें हमको जमाना। ऐसे …


ईश्वर का उपहार है जीवन

ईश्वर का उपहार है जीवन।
ऐसे कर्म जीवन में करें।।
याद करें हमको जमाना।
ऐसे हम उपकार करें।।
ईश्वर का उपहार——————।।
पिछले जन्म में किये होंगे।
अच्छे कर्म हमने जीवन में।।
इसीलिए ईश्वर ने भेजा है।
फिर से हमें मानव जीवन में।।
फिर से यही उपहार मिले।
सबका हम उद्धार करें।।
ईश्वर का उपहार——————।।
करें नहीं किसी पर जुल्म।
अभिमानी बनकर दौलत में।।
करें नहीं किसी से सौदा हम।
कभी किसी से मोहब्बत में।।
इस उपहार की कीमत समझें।
अपने कर्मों में सुधार करें।।
ईश्वर का उपहार——————–।।
हमने लिया भारत में जन्म।
खुशनसीब खुद को माने।।
आबाद रखें अपना वतन।
सम्मान शहीदों का जाने।।
अपनी कुर्बानी का उपहार।
देश की रक्षा में तैयार करें।।
ईश्वर का उपहार———————।।

About author 

Gurudeen verma
शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)


Related Posts

Aabhasi bediyaan by Jitendra Kabir

September 22, 2021

 आभासी बेड़ियां पिंजरे का पंछी उससे बाहर निकलकर भी उड़ान भरने में हिचकिचाता है बहुत बार, वो दर-असल कैद है

Harj kya hai by Jitendra Kabir

September 22, 2021

 हर्ज क्या है? भाषण से पेट भरने की कला सीख ली है हमनें, रोटी को गाली देनें की  हिमाकत करने

Bura man kar mat baitho by Jitendra Kabir

September 22, 2021

 बुरा मनाकर मत बैठो उस समय भले ही बुरा लगे जब हमारे बुजुर्ग  डांट देते हैं हमें गुस्से में आकर,

Prem pathik by Jitendra Kabir

September 22, 2021

 प्रेम पथिक एक प्रेम बचपन में हुआ था पुस्तकों से, जब भी खोला उन्हें पहुंच गया रहस्य,रोमांच, अहसास और कल्पना

दर्द कहां से पाया हूं ?- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

September 22, 2021

 दर्द कहां से पाया हूं ? तपन जीवन की कहती है ,अपना जो शेष जीवन है ,धरा पर जो सुरक्षित

Desh ka durbhagya by Jitendra Kabir

September 22, 2021

 देश का दुर्भाग्य  कृषि के लिए नीतियां बनाने में कृषक का प्रतिनिधित्व नहीं, शिक्षा के लिए नीतियां बनाने में शिक्षक

Leave a Comment