Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! भारत में अब आ गई है नवाचारों की बौछार डिजिटल पारदर्शी नीतियों से हो गए …


ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

भारत में अब आ गई है नवाचारों की बौछार
डिजिटल पारदर्शी नीतियों से हो गए हो लाचार
चकरे खिलाने का काम अब छोड़ दो ये औजार
ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

जीवन में कितना दुख काटे कारण था भ्रष्टाचार
लाखों करोड़ों खर्च किए नहीं हुआ उपचार
परिवार बिखर गया बस कारण है भ्रष्टाचार
जैसी करनी वैसी भरनी आदिकाल से सत्य विचार

धन रहेगा नहीं दुखी करके निकलेगा यह भ्रष्टाचार
बच्चे को एक्सीडेंट में खोए कारण था भ्रष्टाचार
ऊपरवाला देख रहा है नहीं है वह लाचार
बिना आवाज की लाठी मारी किया था भ्रष्टाचार

चकरे खिलाकर बदुआएं समेटी करके भ्रष्टाचार
परिवार सहित सुखी रहोगे जब छोड़ोगे भ्रष्टाचार
अब भी सुधर जाओ मत करो इनकार
ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

लेखक- कर विशेषज्ञ, स्तंभकार, साहित्यकार, 

कानूनी लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुख दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

जलवायु परिवर्तन का तांडव! /jalwayu parivartan ka tandav

August 5, 2022

जलवायु परिवर्तन का तांडव!  दुनियां में आग उगती गर्मी, भूस्खलन – नासा ने आग उगलती धरती की सेटेलाइट इमेज जारी

बुढ़ापे का सहारा

August 5, 2022

बुढ़ापे का सहारा चार पैसे बचा के रखो, बुढ़ापे में काम आएंगे सृष्टि में जब तक जीवन है, बड़े बुजुर्गों

हर घर तिरंगा अभियान

August 5, 2022

 हर घर तिरंगा अभियान  विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा  हर घर तिरंगा अभियान में नागरिकों की सहभागिता

Leave a Comment