Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

इम्तिहान के पल

इम्तिहान के पल! रहना अपने लक्ष्य पर अटल,इरादे नहीं, अपने तरीके बदल,ठहरना ना, तू बस चल,पार कर ले इम्तिहान के …


इम्तिहान के पल!

इम्तिहान के पल

रहना अपने लक्ष्य पर अटल,
इरादे नहीं, अपने तरीके बदल,
ठहरना ना, तू बस चल,
पार कर ले इम्तिहान के पल!!

कर अपनी प्रतिज्ञा पर अमल,
आज नहीं तो अवश्य होगा कल,
हर मुसीबत का होता है हल,
पार कर ले इम्तिहान के पल!!

इस अंधकार में होंगे बहुत छल,
सूर्य के प्रकाश जैसा तू निकल,
कभी बन जा जल सा शीतल,
पार कर ले इम्तिहान के पल!!

इस कीचड़ में भी तू बन के कमल,
ना दे कोई किसी के जीवन में दखल,
जिंदगी को दे तू ताजा शक्ल
पार कर ले इम्तिहान के पल!!

बड़ी सोच की कर दे पहल,
कभी हार तो कभी सफल,
भविष्य तेरा अत्यंत उज्जवल,
बस, पार कर ले इम्तिहान के पल!!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

दिल ढूँढता है-नंदिनी लहेजा

March 25, 2022

दिल ढूँढता है कहाँ गए बचपन के वो दिन,जो निश्चिंतता में गुजरते थे।ना लोभ था,ना कोई कपट,निश्छलता लिए रहते थे।दिल

कवि का ह्रदय है – नंदिनी लहेजा

March 25, 2022

शीर्षक-कवि का ह्रदय है  कवि का ह्रदय है खजाना विचारों का , कविता हैं उसकी कुंजी।हँसाते, रुलाते,कभी दिल को छू

हमेशा के लिए कुछ भी नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

हमेशा के लिए कुछ भी नहीं न यह जीत आखिरी हैऔर न यह हार आखिरी है,रोजाना का संघर्ष है जीवनचलेगा

पाखंड लगता है- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

March 25, 2022

पाखंड लगता है एक विजेता!अपने सारे संसाधनझोंक देता हैयुद्ध के मैदान मेंजीत के लिए,विजय उसका चरित्र हैलेकिनजब वो लगाता है

हालात बदलेंगे क्या?- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

हालात बदलेंगे क्या? आज जब नारे बुलंद होंगेदुनिया भर मेंमहिलाओं की सुरक्षा के,बहुत सारी महिलाएं संघर्ष कर रही होंगीहवस के

कोई रंग ऐसा बरस जाए- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

कोई रंग ऐसा बरस जाए इस बार होली में कोई रंग आसमां सेऐसा बरस जाए,कि बस इंसानियत के रंग में

Leave a Comment